हिमाचल प्रदेश में महिला अपराधों की संख्या में आई कमी

बीबीसीखबर, क्राइमUpdated 29-05-2018
हिमाचल

 हिमाचल पुलिस के डीजीपी सीता राम मरडी का कहना है कि प्रदेश में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में कमी दर्ज की जा रही है, जोकि प्रदेश के लिए सुखद बात है. उन्होंने कहा कि इसका श्रेय कहीं न कहीं गुडि़या हैल्पाईन को भी दिया जा सकता है. 



यह बात उन्होंने मंडी में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कही. सोमवार को डीजीपी ने मंडी में सेंट्रल रेंज के एसपी, एएसपी, डीएसपी और एसएचओ स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक की और कानून व्यवस्था का जायजा लिया. 

इसके बाद वे पत्रकारों से मिले और उनके सवालों के जबाव दिए. डीजीपी ने बताया कि गुडि़या हेल्पलाइन शुरू होने के बाद प्रदेश में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में कमी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि मर्डर और अटेम्प्ट टू मर्डर के केस अब भी अधिक हैं और पुलिस इन्हें भी कम करने की दिशा में कार्य कर रही है.

कसोली गोलीकांड पर ये बोले डीजीपी
 
 

डीजीपी ने कसोली गोलीकांड में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई पर कहा कि यह डिविजन कमीश्नर की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने की है. 

उन्होंने कहा कि इस मामले में अगर पुलिस की नाकामी रही है तो पुलिस को आरोपी को पकड़ने में कामयाबी भी मिली है. उन्होंने कहा कि अभी मामले की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा चाहे वो विभाग का ही क्यों न हो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाही अम्ल में लाई जाएगी.

‘नजरिया बदलो नजर नहीं, गुलाब देखो कांटे नहीं’
मरडी ने कहा कि अमूमन पुलिस की कार्यप्रणाली का नकारात्मक तरीके से देखा जाता है जबकि पुलिस बहुत से सकारात्मक काम भी जनता के लिए करती है. उन्होंने इस बात को शायराना अंदाज में बोलते हुए कहा, ‘नजरिया बदलो नजर नहीं, गुलाब देखो कांटे नहीं’. उन्होने कहा कि नजर बदली जा सकती है, लेकिन नजरिया नहीं, यदि किसी ने देखने की कांटे हैं तो उसे गुलाब नजर ही नहीं आएगा.
 

Follow Us