राजस्थान में सुधरा बाल लिंगानुपात, अब एक हजार लड़कों पर 950 लड़कियां

बीबीसीखबर, जयपुरUpdated 29-05-2018
राजस्थान

 राजस्थान में लिंग चयन प्रतिषेद अधिनियम (पीसीपीएनडीटी एक्ट) के तहत कड़ी कार्रवाई के चलते बाल लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के समय यह लिंगानुपात 888 था, जो इस वर्ष बढ़कर 950 पर पहुंच गया है। यानी अब एक हजार लड़कों पर 950 लड़कियां जन्म ले पा रही हैं।

राजस्थान में गर्भस्थ शिशु के लिंग परीक्षण पर रोक लगाने के लिए चिकित्सा विभाग के तहत पीसीपीएनडीटी सेल काम कर रहा है। यह सेल अब तक राजस्थान सहित सभी पड़ोसी राज्यों में लिंग परीक्षण के 116 मामले पकड़ चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राजस्थान के निदेशक नवीन जैन बताते हैं कि राजस्थान में जन्म के समय बाल लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है।

पिछले चार वर्ष में पीसीपीएनडीटी सेल ने बहुत अच्छा काम किया है और राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों में लिंग परीक्षण के मामले पकड़े हैं। इनमें 170 डॉक्टरों सहित 276 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसी का असर है कि राजस्थान में वर्ष 2011 की जनगणना में यह लिंगानुपात जहां 888 था, वह अब बढ़कर 950 तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष यह 938 था। उन्होंने कहा कि हमारे पास मुखबिरों की अच्छी टीम है और पुलिस का भी पूरा सहयोग लिया जाता है। इसी के चलते यह सफलता मिल पाई है

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