राजस्थान वक्फ बोर्ड चेयरमैन को हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

बीबीसीखबर, उदयपुरUpdated
राजस्थान

 नई दिल्ली | राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन पद से हटाए गए सैयद अबु बकर नकवी ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर 4 जून को सुनवाई होगी। नकवी ने याचिका में कहा है कि वह राजस्थान में हिंदू-मुस्लिम एकता, शिक्षा और रोजगार के लिए लंबे समय से कार्य कर रहे हैं। वह राजस्थान स्टेट इम्प्लॉइज फेडरेशन के सचिव, राजस्थान प्राइमरी और सेकेंडरी टीचर फेडरेशन के राज्य प्रभारी और वर्ष 2004 से मुस्लिम महासभा संस्थान के अध्यक्ष हैं। हाईकोर्ट ने यह तथ्य दरकिनार कर उन्हें समाजसेवी मानने से इनकार कर दिया और चेयरमैन पद के लिए अपात्र मानकर उनकी नियुक्ति रद्द कर दी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 4 दिसंबर को वक्फ बोर्ड चेयरमैन नकवी और दो सदस्यों की नियुक्ति रद्द कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि बोर्ड पदाधिकारी मुस्लिम स्कॉलर को ही नियुक्त करना जरूरी है। नकवी ने नियुक्ति के लिए भेजे बायोडाटा में कहा था कि वह कई सालों से भाजपा कार्यकर्ता हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए काम किया है। पहले वह स्कूल में पीटीआई थे। उनका चयन वक्फ बोर्ड में समाजसेवा, राजस्व, कृषि या टाउन प्लानर की विशेषज्ञता वर्ग में किया गया है, जबकि बायोडाटा के अनुसार वह सिर्फ भाजपा कार्यकर्ता हैं। वक्फ बोर्ड अधिनियम के तहत राजनीतिक दल से जुड़ा व्यक्ति बोर्ड सदस्य नहीं हो सकता। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भी यही फैसला बरकरार रखा था। 

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