यौन उत्पीडन पर होगी कडी कार्रवाई

बीबीसीखबर, क्राइमUpdated 23-07-2018
यौन

 दिव्यांका शुक्ला , बीबीसी खबर

आजकल हमारी बहनें और बेटियां सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों में पुरुषों के कन्धे से कन्धा मिलाकर कार्य कर रही है और इसी प्रकार से अपने परिवार और देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने में अपना योगदान दे रही है| कभी कभी  पुरुष सहकर्मियों द्वारा महिलाओं से  गलत व्यवहार किया जाता है,जो महिलाओं के स्वाभिमान को आहत करता है| यह यौन उत्पीडन की परिधि में आता है| इस प्रकार के कार्यस्थल पर महिलाओं के  यौन उत्पीडन  को रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा विशाखा बनाम राजस्थान राज्य के मामले में दिए गए निर्णय के अनुपालन कार्य स्थल पर महिलाआ का यौन उत्पीडन अधिनियम 2013 पारित किया गया है, जिसके महत्वपूर्ण प्रावधान मौजूद है|

कार्य स्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीडन  से संरक्षण और गरिमापूर्ण तरीके से कार्य करना महिलाओं का मानवाधिकार है|इसका सरंक्षण  किया जाना चाहिए यौन उत्पीडन के अंतर्गत जो कार्य आते है, उनमें अवांछित रूप से महिला को स्पर्श करना, महिला से गलत कार्य की मांग करना, अश्लील कमेंट करना, अश्लील चित्र दिखाना |साथ ही कोई अन्य व्यवहार जो अश्लील तरह  का हो। 
यौन उत्पीडन के आशय से यदि किसी महिला को उसके कार्य में वरीयता देने का प्रलोभन दिया जाता है |वर्तमान में अथवा भविष्य की स्थिति में उसकी नौकरी को लेकर धमकी दी जाती है,उसके कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जाता है |उसको  प्रतिकूल वातावरण में कार्य करने पर विवश किया जाता है ,उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कोई कार्य किया जाता है |ये कार्य भी यौन उत्पीडन की परिधि में आते हैं |

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