जीवन को सुखी बनाने के लिए गुरु पूर्णिमा के दिन करे ये उपाय

बीबीसीखबर, त्योहारUpdated 27-07-2018
जीवन

 दिव्यांका शुक्ला , बीबीसी खबर 

आषाढ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। यह दिन गुरु की  पूजा करने के लिए खास माना जाता है। इस दिन महाभारत के रचयिता  कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्मदिन भी होता  है। वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे और उन्होंने चारों वेदों की भी रचना की थी। इस कारण उनका एक नाम वेद व्यास भी है। उन्हें आदिगुरु कहा जाता है और उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है। 
शास्त्रों में गु का अर्थ - अंधकार या मूल अज्ञान और रु का का अर्थ - उसका निरोधक बताया गया है। गुरु को गुरु इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह अज्ञानता को मिटा देता है अर्थात अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाले को गुरु कहा जाता है।
 अज्ञान तिमिरांधश्च ज्ञानांजन शलाकया,चक्षुन्मीलितम तस्मै श्री गुरुवै नमः 
ऊपर दिए संस्कृत के इस श्लोक में बताया गया है,कि जैसी भक्ति की आवश्यकता देवता के लिए है, वैसी ही गुरु के लिए भीआज पूरे देश में गुरु पूर्णिमा मनाई जा रही है। हर धर्म में गुरु को ईश्वर रूप माना गया है। यह त्यौहार गुरुओं को समर्पित है। 
गुरु पूर्णिमा के दिन क्या करना उचित रहेगा देखिए ..
1....जो छात्र अपनी पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते हैं, उन्हें गुरु पूर्णिमा के दिन गीता  पाठ कर गाय की सेवा करनी चाहिए।
2....भगवान विष्णु को गुरु मानकर आप उन्हें नमन करें और उन्हें पुष्प और प्रसाद चढ़ाएं।
3....अगर कारोबार में हानि हो रही हो तो आज के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को पीले अनाज या पीले रगं की वस्तु दान में दे।
4....भाग्य को चमकाने के लिए शुभ मुहूर्त में गुरु यंत्र की स्थापना कर उसकी पूजा करें।
5....अगर कुंडली में दोष हो तो आज का दिन आपके लिए लाभकारी माना जाएगा ।

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