अरे वाह! बेगूसराय में तैयार हो रही कराटे की नर्सरी

बीबीसीखबर, बिहारUpdated 04-08-2018
अरे
सुष्मिता शुक्ला बीबीसी खबर
बेगूसराय के अधिक से अधिक बच्चों को सेल्फडिपेंड बनाया जा रहा है। इसके लिए वहां पर एक कराटे नर्सरी तैयार कराई जा रही है। अभी वहां के एक हजार से अधिक बच्चे कराटे सीख चुके है ंऔर 600 के करीब बच्चें सीख रहे है।  बेगूसराय में जमशेदपुर  खेलो के नाम से चर्चा में रहता है। 
लेकिन अभी यहां कराटे की नर्सरी तेजी से फल.फूल रही है। इस नर्सरी से जहां एक हजार से अधिक बच्चे सेल्फ डिफेंस का गुर सीख निकल चुके हैं। वहींए करीब 600 बच्चे अभी इस नर्सरी में तैयार हो रहे हैं। 
चीन में श्उ कूम फूंश् एवं जापान में श्करातेश् के नाम से प्रचलित यह गेम दक्षिण भारत से ही चीन और जापान तक फैला था। अभी जापान के विश्वविद्यालय से पूरे दुनिया में यह फैलाया जा रहा है। बेगूसराय ही नहीं पूरे देश में यह तेजी से फल फूल रहा है। आज के समय में लड़कियों के लिए काफी फायदेमंद इस गेम को सीबीएसई ने सभी स्कूलों में अनिवार्य कर दिया है। लेकिन 3.4 स्कूलों को छोड़कर किसी भी विद्यालय के प्रबंधन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत कस्तूरबा विद्यालयों में 30.40 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है। 
सरकार द्वारा कराटे को स्कूली गेम में भी शामिल किया गया है। लेकिन स्थाई प्रशिक्षक के नहीं रहने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्कूल गेम के आयोजन में शामिल होने के बाद भी सरकारी स्कूल के बच्चे खेल नहीं पाते हैं और क्लबों के बच्चे खेल कर इनाम ले लेते हैं। बेगूसराय के श्री कृष्ण इंदौर स्टेडियमए बरौनीए बीहटए बलियाए मटिहानीए वीरपुरए भगवानपुरए सूर्यपुराए चेरिया वरियारपुर में अभी छह सौ से अधिक बच्चे प्रत्येक दिन कराटे के गुर सीख रहे हैं। 
जिला कराटे संघ के सचिव गोविंद कुमार बताते हैं कि कराटे से सिर्फ न सिर्फ आत्मरक्षा होती है। बल्कि योगा व अनुशासन का यह खेल शारीरिकए दिमागी विकास में भी अहम किरदार निभाता है। सेल्फ डिफेंस से छेड़खानीए दुष्कर्म पर भी काफी हद तक लगाम लग सकती है। स्कूली गेमए विवि गेमए ओलंपिकए खेलो इंडिया आदि में कराटे को शामिल किया गया है। बेगूसराय के कविताए सुमित समेत कई बच्चे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त कर चुके हैं। 
इस वर्ष 2018 में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त करने वाले शिव प्रिया एवं सूर्य प्रकाश को 29 अगस्त को पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉन्प्लेक्स पटना में मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाना है। अच्छा प्रदर्शन करने वाले को जहां एयर फोर्सए सचिवालयए बिहार पुलिस में नौकरी मिलती है। वहींए कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल प्राप्त करने पर भारत सरकार ए ग्रेड का आधिकारिक जॉब देती है। लेकिन स्कूलों में प्रशिक्षण की व्यवस्था ही नहीं रहेगी तो बच्चे आगे बढ़ कैसे सकते हैं। अभी जो भी बच्चे सीख रहे हैं वह निजी तौर पर खर्च कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कुल मिलाकर कहें तो अगर सरकारी स्तर पर उचित प्रशिक्षण एवं प्रबंधन की व्यवस्था कर दी जाए तो बेगूसराय के कराटे खिलाड़ी देश.विदेश में बिहार का नाम रोशन कर सकते हैं। 
 

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