महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन के दो साल पूरे पर आज बंदी, जरूरी सेवाओं में चलता रहेगा काम

बीबीसीखबर, देशUpdated 09-08-2018
महाराष्ट्र
गणेश मिश्रा बीबीसी खबर ।
मुंबई: महाराष्ट्र में आज मराठा आंदोलन के दो साल पूरे होने पर प्रदेश में बंदी का एलान कर दिया गया है। लेकिन सरकार ने जरूरी सेवाओं में काम चालू रखा है। आज मराठा आंदोलन के दो पूरे होने के उपलक्ष्य में मराठा संगठनों ने महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है।  मराठा लोगों ने सभी लोगों से कहा है कि उपयोगी वस्तुएं आप लोग आठ अगस्त को ही खरीद लें। आंदोलन में आम आदमी से मदद की सिफारिश की गई है। रली और नवी मुंबई को बंदी से दूर रखा गया है।  इसका कारण पिछले दिनों में हुई हिंसा को बताया जा रहा है। राज्य में सरकारी कर्मचारियों ने तीन दिन के हड़ताल की घोषणा की है और आज मराठा आंदोलन का अंतिम दिन है ।

15 नवंबर से पहले कुछ भी नहीं किया जा सकता- सरकार

महाराष्ट्र में बंदी से पहले राजस्व मंत्री चन्द्रकांत पाटिल ने मराठा आरक्षण के पक्ष में आंदोलन कर रहे लोगों की उम्मीदों में पानी फेरते हुए कहा कि सरकार 15 नवंबर तक कोई फैसला नहीं लेगी। उन्होंने कहा है कि मराठा समुदाय को आरक्षण देने के संबंध में समयबद्ध कार्यक्रम पेश करने की जिम्मेदारी महाराष्ट्र राज्य के पिछड़े वर्ग आयोग को दी गयी है, जो अपनी रिपोर्ट 15 नवंबर को देगा ।

मराठा समाज की ये है मांगे

मराठा समाज के लोग महाराष्ट्र सरकार से 16% आरक्षण की मांग कर रहे है। ये समाज पिछड़ा वर्ग के तहत सरकारी नौकरी, शिक्षा के क्षेत्र में भी आरक्षण की मांग कर रहा है। आरक्षण की मांग को लेकर पिछले दो सालों से महाराष्ट्र में ये आंदोलन चल रहा है। यह आंदोलन  पिछले दो सालों में 60 से ज्यादा जगहों पर हुआ है। मराठा समाज के लोगों ने कोपर्डी गैंगरेप के आरेपियों को भी फांसी देने की मांग की  है। साल 2016 में कोपर्डी में नाबालिग से गैंगरेप हुआ था। महाराष्ट्र में मराठा के लोगों की आबादी 33% यानी करीब चार करोड़ है। ऐसे में कोई भी सरकार इस समाज को नाराज नहीं कर सकती। इस आंदोलन का नेतृत्व मराठा क्रांति मोर्चा कर रहा है। मराठा आंदोलन में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं ।

 

Follow Us