इमरान के सपने तो बड़े हैं पर राह स्पष्ट नहीं

बीबीसीखबर, देशUpdated 19-08-2018
इमरान

 दिव्यांका शुक्ला , बीबीसी खबर 

पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान को विरासत में यह पाकिस्तान मिला है , जो तमाम परेशानियों से घिरा है । इमरान खान ने सत्ता की भनक लगने के बाद दावा किया कि वह बीते 70 साल से पाकिस्तान के साथ हो रहे खिलवाड़ को बंद करने की दिशा में एक नया कदम उठाएंगे । उन्होंने साफ किया कि अब वह पाकिस्तान में सत्ता के इर्द गिर्द बैठे लोगों की भलाई के लिए काम करेंगे जिसका नतीजा है कि आज वहां एक बड़ा गरीब तबका शिक्षा , स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है ।

लिहाजा अब वह राजनीति की बयार को इस तरह पलटने की कोशिश करेंगे  कि पाकिस्तान में विकास के आंकलन की शुरूआत वहां के गरीबों की स्थिति के आधार पर हो, लेकिन इस फार्मूले को अपनाने के साथ-साथ इमरान ने यह भी साफ कर दिया कि पाकिस्तान से गरीबी हटाने के लिए वह चीन का रुख करेंगे । चीन से सबक लेते हुए अपने मुल्क में गरीबों को विकास की मुख्यधारा में लाने का काम करेंगे ।
नए पाकिस्तान की परिकल्पना को साझा करते हुए इमरान खान ने दावा किया कि अब पाकिस्तान में कानून का बोलबाला होगा ।  इसके साथ ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कवायद पर जोर दिया जाएगा । हालांकि इमरान ने विरोधाभास यह कहकर दिखा दिया कि उनकी इस मुहिम में राजनीतिक विद्वेष से काम नहीं किया जाएगा ।  पाकिस्तान की मौजूदा चुनौतियों का जिक्र करते हुए इमरान खान ने कहा कि उनके देश की सबसे बड़ी जरूरत एक बड़ा निवेश है, जिसके जरिए रोजगार के बड़े संसाधन पैदा किए जा सकते हैं ।इमरान खान के सामने पाकिस्तान की जीडीपी के स्तर को बेहतर करने की बड़ी चुनौती है ।

अर्थव्यवस्था के हिसाब से देखें तो पाकिस्तान एशिया में सबसे कमजोर अर्थव्यवस्था वाला देश है । इमरान एक नया पाकिस्तान बनाने की बात कर रहे हैं,  जहां कमजोर तबके को भी बराबरी का हक मिल सके ।  उन्होंने गरीबी दूर करने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने विदेश नीति समेत कई मामलों पर अपनी नीतियों को स्पष्ट किया है । उन्होंने कहा कि वो भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं उन्होंने कश्मीर राग तो अलापा लेकिन आतंकवाद पर शिकंजा कसने का जिक्र नहीं किया । ऐसे में साफ है कि आतंकवाद पर एक्शन इमरान की प्राथमिकता में शामिल नहीं है ।

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