जाने राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और रक्षाबंधन में कैसे बांधे राखी

बीबीसीखबर, त्योहारUpdated 22-08-2018
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 Ruchi Pandey बीबीसी खबर

   

रक्षाबंधन  का त्‍योहार आने में अब बस कुछ ही दिन बचे हुए हैं। भाई-बहन का यह त्‍योहार सुरक्षा का वचन लेकर आता है। एक ओर जहां बहन अपने भाई को प्‍यार और विश्‍वास से राखी बांधती है वहीं, भाई अपनी बहन को सारी उम्र सुरक्षा का वचन देता है। 

रक्षाबंधन के दिन बहन भाई के माथे पर तिलक लगा कर उसके दीर्घायु होने की कामना करती है। कहते हैं इस धागे का संबंध अटूट होता है। जब तक जीवन की डोर और श्वांसों का आवागमन रहता है एक भाई अपनी बहन के लिए और उसकी सुरक्षा तथा खुशी के लिए दृढ़ संकल्पित रहता हैं।   

 इस विषय पर जाने-माने ज्‍योतिष के जानकार उमा शंकर व्यास जी महाराज से जानते हैं रक्षाबंधन के दिन भाई की कलाई पर  राखी बांधने का सबसे शुभ समय जानते है।  

 राखी बांधने का शुभ मुहूर्त-
 प्रातः 05.59 से सायंकाल 17.25 तक

 रक्षा बंधन के दिन ऐस तैयार करें पूजा की थाली और बांधे राखी 

रक्षा बंधन के दिन बहनें प्रातः काल उठकर नए वस्त्र धारण कर राखी की थाली तैयार करती हैं। उस थाल में राखी, कुमकुम, हल्दी, अक्षत और मिष्ठान रहता है। प्रथमतः भाई को तिलक कर उसकी आरती करती है। उसके ऊपर अक्षत फेकती है। अब राखी भाई के दाहिनी कलाई पर बांधी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया तक भाई और बहन दोनों को उपवास रखना चाहिए। बहुत से लोग कहते हैं कि केवल बहनें ही  व्रत रहें ऐसा नहीं है भाई भी व्रत रहेगा।

तत्पश्चात बहन भाई को मिठाई खिलाती है। बहन यदि छोटी है तो भाई का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेगी और यदि बहन बड़ी है तो भाई उसका पैर छूकर आशीर्वाद लेगा। इस प्रकार भाई आजीवन अपनी बहन की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित हो जाता है।

 

ना बांधे भद्रा काल में राखी
रक्षा बंधन का एक आवश्यक नियम है कि भद्रा काल में राखी नहीं बांधी जाती है। इस वर्ष एक अच्छी बात यह है कि भद्रा सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाएगी। इस प्रकार भाई बहन के इस पवित्र महापर्व को प्रेम और श्रद्धा पूर्वक मनाने से भाई बहन का संबंध आजीवन बना रहता है।

 

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