चुनाव आयोगः लोकसभा और विधानसभा को चुनावों एक साथ करना असंभव

बीबीसीखबर, देशUpdated 24-08-2018
चुनाव
गणेश मिश्रा बीबीसी खबर ।
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत ने लोकसभा और विधानसभा के चुनावों का एक साथ होना असंभव बताया है। जब उनसे पूछा गया कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना संभव है तो उन्होंने कहा , "कोई संभावना नहीं।" साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों चुनाव एक साथ कराने के लिए कानूनी ढांचा तैयार किए जाने की जरूरत है। रावत ने कहा कि सांसदों को कानून बनाने के लिए कम से कम एक वर्ष लगेंगे। इस प्रक्रिया में समय लगता है, जैसे ही संविधान में संशोधन के लिए विधेयक तैयार होगा, हम (चुनाव आयोग) समझ जाएंगे कि चीजें अब आगे बढ़ रही हैं ।

पिछलें दिनों लोकसभा और विधानसभा के चुनावों को एक साथ कराने के लिए मुद्दे पर नए सिरे से बहस शुरू हो गई थी। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर इसका समर्थन भी किया था। बीजेपी एक साथ 11 राज्यों में लोकसभा का चुनाव कराए जाने का भी समर्थन कर रही थी। वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफा देकर चुनाव कराने की मांग की थी। सभी विपक्षी पार्टियां एक साथ चुनाव कराए जाने का विरोध करती रही हैं ।

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रावत ने कहा, " क्या आप जानते हैं कि चेरापूंजी में सबसे ज्यादा वर्षा होती है, उसी राज्य में है." एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि चुनावों में नोटा विकल्प का प्रतिशत आमतौर पर 1.2 से 1.4 प्रतिशत के बीच होता है. एक अन्य सवाल के जवाब में रावत ने कहा कि चुनाव आयोग को पूर्ण स्वायत्तता प्राप्त है और यह देखा जा सकता है कि पिछले साल गुजरात में राज्यसभा चुनाव के दौरान चुनाव अधिकारी राजनीतिक दबाव में नहीं झुके ।



 

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