सोशल मीडिया पर वायरल हुए मैसेज का हुआ खुलासा

बीबीसीखबर, सोशल नेटवर्कUpdated 28-08-2018
सोशल

सुष्मिता शुक्ला बीबीसी खबर

 पिछले काफी दिनों से एक मैसेज सोशल मीडिया  पर वायरल हो गया था जिसमें कहा जा रहा था कि  *#{w# को डायल करके कोई भी व्यक्ति यह जान सकता है कि उसका नंबर किसी द्वारा ट्रेस तो नहीं किया जा रहा। इस मैसेज से न जाने कितने लोग परेशान हो गए थे। फिलहाल ऐसा कुछ भी नहीं है ये सब गलत जानकारी थी।पंजाब केसरीने जब इस मामले की सच्चाई जानने के लिए जांच की तो पता चला की इस नंबर को अपने मोबाइल पर डायल करने के बाद ज्यादातर मोबाइल पर कंपनी के सर्विस वाले मैसेज के नंबर शो हो रहे थे। यदि आपके मोबाइल पर कोड को डायल करने के बाद इन डिजिट से शुरू होने वाले नंबर  +9117010, +91568, +9157010 शो होते हैं तो दिक्कत की कोई बात नहीं है, क्योंकि ये कंपनी के ही ऑटोमैटिक मशीन मैसेज हैं। वहीं, अगर इस कोड को डायल करने पर कोई 10 अंकों का संदिग्ध नंबर नजर आता है तो उसे मोबाइल सैटिंग से डिएक्टीवेट किया जा सकता है।

जरूरत पडऩे पर सरकारी एजैंसियां करती हैं मोबाइल ट्रेस 

वायरल मैसेज में यह अफवाह फैली थी कि *#{w# की सहायता से व्यक्ति यह जान सकता है कि कोई सरकारी एजैंसी उसका मोबाइल ट्रेस कर रही है या नहीं। आपको बता दें कि सरकारी एजैंसिया जैसे रॉ, आई.बी., सी.बी.आई. जरूरत पडऩे पर इंडियन टैलीग्राफ एक्ट एंड इन्फॉर्मेशन टैक्नोलॉजी एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति का मोबाइल ट्रेस कर सकती हैं और इसके साथ ही व्यक्ति की ईमेल और एस.एम.एस. पर भी नजर रख सकती है लेकिन एजैंसियों द्वारा ट्रेस की गई कॉल्स को किसी भी कोड से डिटैक्ट नहीं किया जा सकता। 

 

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