सेब ने दिया बागबानों को झटका,कारोबारी को लगा चूना

बीबीसीखबर, देशUpdated 28-08-2018
सेब

 

सुष्मिता शुक्ला बीबीसी खबर

दुनिया के विभिन्न देशों से मगाए जाने वाले रिकार्ड तोड़ सेब ने प्रदेश के बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जुलाई माह में 40 लाख पेटी सेब आयात करने की वजह से सेब के दामों में 600 से 1200 रुपए प्रति पेटी तक की गिरावट हुई है। बागवानों के साथ-साथ सेब के उन ठेकेदारों को भी नुक्सान हुआ है, जिन्होंने एक माह पहले ही बगीचों में सेब बुक कर लिया था।

अब बाजार भाव गिरने से उन्हें वित्तीय हानि हो रही है। बता दें किबहुत से ठेकेदार फसल और बाजार भाव का पूर्वानुमान लगाकर सेब को बगीचों में ही खरीद लेते हैं।

जब ठेकेदारों ने सेब बुक किया था तो उस दौरान बाजार भाव अच्छे थे, लेकिन अब बाजार भाव गिरने से उन्हें वित्तीय नुक्सान झेलना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि हिमाचल के ग्रोवरों ने सेब सीजन शुरू होने से पहले ही कम फसल का शोर मचाया। इसके बाद सप्लायरों ने भारी मात्रा में सेब आयात किया। बागवानी विभाग ने भी फ्लावरिंग के बाद सेब की कम फसल का पूर्वानुमान लगाया था।

मीडिया में खबरें आने के बाद सप्लायरों ने इसी आड़ में थोक में सेब को विभिन्न देशों से आयात किया। हालांकि सप्लायरों ने जो सेब 2000 से 2400 रुपए प्रति पेटी के हिसाब से आयात किया है, उसे हिमाचली सेब बाजार में आने के बाद सप्लायरों को घाटा झेलकर बेचना पड़ रहा है। हिमाचल में इस साल सवा एक करोड़ पेटी सेब होने का पूर्वानुमान है, जबकि बीते सालों के दौरान सर्वाधिक 4.46 करोड़ पेटी सेब उत्पादन भी हो चुका है।

इस बार कई सालों के बाद सबसे कम फसल बताई जा रही है। ऐसे में बागवानों को पूरे सीजन के दौरान अच्छे दाम मिलने की आस थी। हालांकि सीजन के शुरूआती दिनोंमें उन्नत किस्म का सेब हिमाचल की मंडियों में ही 3100 रुपए प्रति पेटी तक बिक रहा था, लेकिन इन दिनों 1200 से 1700 रुपए प्रति पेटी बिक रहा है। सूचना के मुताबिक अप्रैल से जुलाई माह तक विभिन्न देशों से करीब 80 लाख पेटी सेब आयात कर लिया गया है। कुछ दिनों में अब कश्मीर का सेब भी बाजार में आना शुरू हो जाएगा। इसके बाद बागवानों को सेब के दाम और गिरने का भय सता रहा है।


 

 

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