सावधान इन कारणों से बच्चे होते है डिप्रेशन का शिकार

बीबीसीखबर, रहिए कूलUpdated 17-09-2018
सावधान

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डिप्रैशन एक ऐसी समस्या है जिससे कई रोगों का जन्म होता है । इसने ज्यादातर लोगों को अपना शिकार बनाया हुआ है। सिर्फ बड़े ही नहीं बल्कि छोटे बच्चे भी इस समस्या का शिकार हो रहे हैं । कई बार यह भयानक रूप ले लेता है। यहीं एक कारण है कि  आधुनिक समय में डिप्रेशन के कारण बच्चों और किशोरों में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए आज हम आपको डिप्रेशन क्यों होता है इसका कारण बताएंगे । अगर आपके बच्चों में भी ये दिक्कतें होती है तो सावधान हो जाइए।

1-तनाव-
भागदौड़ भरी जिंदगी में सिर्फ बड़े लोग ही प्रभावित नहीं बल्कि छोटे बच्चे भी तनाव से ग्रस्त हैं। स्कूल की पढ़ाई के बाद ट्यूशन जाना यानी पूरा दिन सिर्फ पढ़ाई में लगे रहने से तनाव शारीरिक तंत्र को कमजोर करता है।  

2-खेलकूद की कमी 


घर में रहने और टीवी देखने से बच्चे कुछ अलग और नया नहीं सीख पाते। इसी वजह से जब भी उनके सामने छोटी सी भी समस्या आती है तो वह उसको सुलझान नहीं पाते और चिंता करने लगते हैं 

 

3-पारिवारिक झगड़े-

 
माता-पिता को हमेशा लड़ते-झगड़ते देखने से भी बच्चे के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। अपने पेरेंट्स को अलग होते और परिवार को टूटता हुए देखकर वह डिप्रैशन के शिकार हो जाते हैं। 

4-शूगर का अधिक प्रयोग-

शोधकर्ताओं के अनुसार शूगर की ज्यादा मात्रा का संबंध डिप्रैशन और शिजोफ्रेनिया से है। बच्चों के खान-पान की वजह से भी वह डिप्रैशन का शिकार हो रहे हैं। यह दिमाग के विकास के हार्मोन को भी प्रभावित करती है। डिप्रैशन और शिजोफ्रेनिया के मरीजों में इस हार्मोन का स्तर कम पाया जाता है ।

5- घर में बैठ कर मोबाइल में लगे रहना-
आजकल बच्चे बाहर खेलने की बजाय कंप्यूटर, मोबाइल या फिर टीवी के सामने बैठे रहते हैं। ज्यादा देर तक इलैक्ट्रॉनिक का इस्तेमाल करने से अवसाद होने की ज्यादा संभावना होती है ।

 

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