यूपीः अलीगढ़ में 'मरने' के 5 घंटे बाद जिंदा हो उठा अधेड़

बीबीसीखबर, क्राइमUpdated 23-04-2018
यूपीः

 अलीगढ़: मौत के बाद कोई फिर से जिंदा हो जाए, यह सिर्फ किस्से कहानियों में ही सुना जाता है, लेकिन यूपी के अलीगढ़ में एक ऐसे वाकये की चर्चा है जहां एक ग्रामीण रामकिशोर अपनी मौत के 5 घंटे बाद फिर से जिंदा हो गया। अंतिम संस्कार करने जुटे परिजनों के पूछने पर रामकिशोर ने बताया कि वे गलती से मुझे ले गए थे, अब वापस भेज दिया। वहीं, डॉक्टरों ने इसे चमत्कार मानने से इनकार कर दिया है। 

अतरौली थाना क्षेत्र के गांव किरथला में 53 साल के रामकिशोर की कुछ दिन पहले अचानक मौत  हो गई थी। परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर करीबी रिश्तेदार गांव पहुंच गए। परिवार और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। 

शव को नहलाते ही हुई हलचल 
बताया गया है कि जब शव को नहलाने के बाद अर्थी पर रखा तो इस दौरान रामकिशोर के शरीर में हलचल होने लगी। इसे देख लोगों को हैरानी हुई। तभी रामकिशोर उठ बैठे और सभी के नाम पुकारते हुए बोले चिंता मत करो मैं बिल्कुल ठीक हूं। गलती से मुझे ले गए थे, अब वापस भेज दिया। 

यह सुनकर सभी दंग रह गए और माहौल मातम से खुशियों में बदल गया। इसे चमत्कार मानकर ग्रामीण उसके घर पहुंचने लगे और जानने लगे कि क्या हुआ था। आसपास के गांव से भी लोगों का आना शुरू हो गया। तभी से यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है। 

डॉक्टरों ने कहा, कोई चमत्कार नहीं 
आईएमएके मीडिया प्रभारी डॉ. प्रदीप बंसल का कहना है कि यह कोई चमत्कार नहीं है। कभी-कभी ऐसा हो जाता है कि आदमी के दिल की धड़कन और सांस की गति इतनी धीमी हो जाती है कि वह गहरे कोमा की अवस्था में चला जाता है। हम ऐसी दशा में समझते हैं कि उसकी मौत हो गई, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है। वहीं, डॉ. संजय भार्गव का कहना है कि विज्ञान इसे स्वीकार नहीं करता है। 

बिना ईसीजी के डेड घोषित नहीं किया जा सकता है। ऐसा कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले कई मामले सामने आ चुके हैं। कुछ समय पहले अलीगढ़ के कयामपुर निवासी एक बुजुर्ग को आगरा में डेड घोषित कर दिया था। आगरा से अलीगढ़ आने पर बुजुर्ग के शरीर में हलचल होने पर परिजन उसे नर्सिंग होम में ले गए, जहां तीन दिन इलाज के बाद उनकी मौत हो गई थी

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