राफेल: कांग्रेस ने सरकार पर दागे सवाल

बीबीसीखबर, दिल्लीUpdated 15-12-2018
राफेल:

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राफेल केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ठीक 24 घंटे बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कानूनी पहलुओं पर केंद्र सरकार को घेरा। शनिवार को उन्होंने फैसले के कई पैरे पढ़े और पूछा कि सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट कहां दी है, जैसा कि यह सरकार दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फाइलें नहीं मंगवाई और नोटिंग नहीं देखी तो फिर अपनी पीठ थपथपाना कि क्लीन चिटमिल गया ये बचकानी बातें हैं। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। 

                                                                          
BJP प्रवक्ता राव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं। यह घोर निंदनीय  है।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अदालतों पर वह भरोसा कर सकते हैं लेकिन हमारे सुप्रीम कोर्ट पर उन्हें भरोसा नहीं है। राव ने आगे कहा कि इमरान खान और हाफिज सईद पर उन्हें (कांग्रेस अध्यक्ष) विश्वास है लेकिन वह IAF और आर्मी पर विश्वास नहीं करेंगे। 

सिब्बल ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जब तकनीकी पक्ष और राफेल डील की प्राइसिंग की जांच ही नहीं की तो सरकार जीत का दावा कैसे कर रही है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले में कभी भी कोर्ट में पार्टी नहीं थी और हम पहले ही साफ कह चुके हैं कि इस मामले पर फैसला लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट उचित फोरम नहीं है क्योंकि सभी फाइलें वहां खोली नहीं जा सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास इसका अधिकार नहीं है। 

कांग्रेस नेता ने कहा कि राफेल में कथित भ्रष्टाचार, कीमत, तकनीक आदि की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट उचित अथॉरिटी नहीं है। उन्होंने कोर्ट के फैसले के 12वें, 15वें और 34वें पैरे का जिक्र करते हुए कहा कि SC ने खुद कहा है कि उसका अधिकार क्षेत्र सीमित है। सिब्बल ने कहा, ' कोर्ट ने कहा है कि तकनीकी तौर पर क्या सही है, यह हम तय नहीं कह सकते हैं। कोर्ट ने कहा है कि हम कीमतों और तकनीक पर फैसला नहीं कर सकते हैं। प्रसीजर की जहां तक बात है तो राफेल एक दमदार प्लेन है।
 

कांग्रेस के नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में प्रेस रिपोर्ट और सरकार के हलफनामे का हवाला दिया गया है। उन्होंने कहा कि फैसले में कुछ ऐसे तथ्य हैं जो शायद सरकार के हलफिया बयान के कारण सुप्रीम कोर्ट के फैसले में आए हैं। यदि सरकार कोर्ट में गलत तथ्य पेश करती है तो उसके लिए सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है न कि कोर्ट। 

कोर्ट के फैसले में CAG रिपोर्ट के जिक्र पर उन्होंने कहा कि हमें अटर्नी जनरल को पीएसी में बुलाना चाहिए और पूछना चाहिए कि गलत हलफनामा कोर्ट में क्यों दिया गया। ऐसे तथ्य कोर्ट को दिए जाते हैं जो गलत हैं तो यह संगीन मामला है, इस पर संसद में भी चर्चा होगी। AG से पूछा जाएगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। बीजेपी और सरकार पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि आर्टिकल 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में जो चीज आती ही नहीं है तो नेताओं को यह नहीं कहना चाहिए कि कांग्रेस के आरोप फिक्शन हैं। 

उन्होंने आगे कहा कि 2G, कोल स्कैम में क्या हुआ था? तमाम आरोप लगाए गए लेकिन आरोप फिक्शन निकले। हम साबित करके रहेंगे कि राफेल केस में हम सही हैं। इसके अलावा चुनावों से पहले अमित शाह के बयान पर उन्होंने कहा कि हम उन्हें दूरबीन भेंट करेंगे। दरअसल, अमित शाह ने पहले कहा था कि चुनाव बाद दूरबीन से देखने पर भी कांग्रेस कहीं नहीं दिखेगी।

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