पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने का संकल्प पास

बीबीसीखबर, दिल्लीUpdated 21-12-2018
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 बीबीसी खबर

शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने का संकल्प पास किया। आप विधायक जरनैल सिंह की तरफ से पेश संकल्प में कहा गया है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 84 के कत्लेआम का औचित्य साबित करने की कोशिश की थी। लिहाजा केंद्र सरकार को उनका भारत रत्न वापस लेना चाहिए।

इससे पहले, सिख दंगा मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को अदालत से सजा सुनाने से पैदा हुए हालात पर विधानसभा में शुक्रवार को भी चर्चा हुई। सरकार का पक्ष रखते हुए मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि 1984 में दिल्ली ऐसे युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गई थी, जिसमें लोगों को जिंदा जलाया गया।

जैन ने कहा कि इस तरह के हर दंगे में अदालत को एक साल में फैसला सुनाना चाहिए। सिख विरोधी दंगों के अदालत में चल रहे सभी मामलों में जल्द फैसला आना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा हो, ताकि धर्म या जाति के आधार पर होने वाले दंगों पर रोक लगे।

अंत में विधायक जरनैल सिंह ने सदन में एक संकल्प पेश किया। इसमें कहा गया है कि सदन संकल्प करता है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न अवार्ड केंद्र सरकार को वापस लेना चाहिए। संकल्प को सदन ने ध्वनि मत से पास कर दिया।

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा का संकल्प उस वक्त आया है, जब आप के कांग्रेस की अगुवाई वाले महागठबंधन में शामिल होने के आसार बन रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले एक महीने में कांग्रेस अध्यक्ष के साथ न सिर्फ मंच साझा किया है, बल्कि महागठबंधन के लिए बुलाई गई बैठक में भी शामिल हुए थे।

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