मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ संयोग

बीबीसीखबर, त्योहारUpdated 13-01-2019
मकर

 बीबीसी खबर

 

जब सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति का संयोग बनता है। इसी दिन से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। इनके उत्तरायण होने से पृथ्वी के जीवों को सूर्य की भरपूर कृपा मिलनी शुरू हो जाती है। सूर्य की भरपूर रोशनी हमें प्राप्त होती है। इस बार 2019 में मकर सक्रांति का विशेष महत्त्व है क्योंकि सूर्य तब मकर राशि में प्रवेश करेंगे जब अश्विनी नक्षत्र रहेगा, जो कि केतु का नक्षत्र है और 14 जनवरी की संध्या 19 :50  मिनट पर मकर राशि में सूर्य जायेंगे उस समय का योग सिद्ध है (सिद्ध योग ) और करण रहेगा " विष्टि " या भद्रा करण, नक्षत्र और करण का योग बहुत अच्छा नहीं होने की वजह से लगभग समस्त राशि प्रभावित होंगी।

मकर संक्रांति के निमित्त दान-पुण्य स्नान 15 जनवरी दिन मंगलवार को किया जायेगा। जिनके जीवन में ग्रहों से सम्बंधित कोई भी रोग या अड़चन हो, उनको निम्नलिखित विशेष वस्तु का दान देना चाहिए। 

शनि सम्बंधित कोई रोग या अन्य परेशानी हो जैसे - पेट समस्या, नसों की समस्या, चर्म रोग, वायु विकार या घरेलू कलह एवं कर्ज की स्थिति ज्यादा हो तो ऐसे जातक दान में काला तिल और सफ़ेद तिल और सरसो का तेल और अदरक अन्य सामग्री के साथ अवश्य दें। 

शुक्र से सम्बंधित कोई रोग जैसे मधुमेह, चेहरे पर झुर्रियां, पारिवारिक कलह, दाम्पत्य जीवन में अनबन आदि हो तो ऐसे जातक मिश्री, सफ़ेद तिल, जौ, चावल-आलू, इत्र इत्यादि सामग्री दान में दें। 

बृहस्पति से सम्बंधित कोई रोग या परेशानी हो जैसे पीलिया, गैस, हड्डी की कमजोरी, स्मरण शक्ति का कम होना, बाल झड़ना, सार्वजानिक स्थानों पर अपमानित होना, कुंडली में गुरु दोष, संतान से पीड़ित होना या घर में कोई लगातार बीमार पड़ा हो, ऐसी स्थिति में शहद, हल्दी, दाल, रसदार फल, केला अन्य सामग्री के साथ दान दें। 
 
बुध से संबंधित कोई भी रोग या परेशानी हो जैसे बुद्धिभ्रम, एलर्जी, पागलपन, मिर्गी, दांतो से समस्या, भाई-बहन में मनमुटाव, जमीं से सम्बंधित क़ानूनी करवाई ऐसी स्थिति में चावल के साथ धनिया, मिश्री, सूखा तुलसी पत्ता, मिठाई, मूंग, शहद का दान अवश्य करें। 
 
मंगल से सम्बंधित कोई भी समस्या या रोग हो, जैसे बार-बार बुखार आना, ब्लड प्रेशर, कैंसर, चोट, भाई-भाई में दुश्मनी, बच्चों से तनाव आदि की स्थिति में आप गुड़, शहद और अनार, मसूर, लाल चन्दन का दान अन्य सामग्री के साथ करें लाभ होगा। 

चन्द्रमा से संबंधित कोई रोग या परेशानी जैसे सर्दी, कफ, खांसी, स्वांस रोग, मानसिक रोग, लकवा इत्यादि पारिवारिक स्थिति सही न होना, रोजी रोजगार न होना, धन का आभाव हो तो चावल, कपूर, घी, दूध, दही, सफ़ेद चन्दन का दान अवश्य करें। 
 
सूर्य से सम्बंधित रोग या परेशानी जैसे पित विकार नेत्र विकार , माइग्रेन, हृदयरोग पिता पुत्र में मतभेद, नौकरी का छूटना, ऑफिसरों द्वारा परेशानी, सरकारी कर्जा हो ऐसी स्थिति में लाल मिर्च, लाल चन्दन, घी, आटा, गुड़, काली मिर्च जरूर दान दें। 

संक्रांति का विशेष दान ग्रहो से सम्बंधित दान के साथ चावल, घी, दही, आटा, गुड़, काला तिल, सफ़ेद तिल, लाल मिर्च, मिश्री, आलू और अपनी इच्छा अनुसार ब्राह्मण को दान करें और आशीर्वाद लें क्योकि संक्रांति पर किया हुआ दान ग्रह पीड़ा और पितृ दोष शांत करता है। 

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ संयोग

बीबीसीखबर, अंक ज्योतिषUpdated 13-01-2019
मकर

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जब सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति का संयोग बनता है। इसी दिन से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। इनके उत्तरायण होने से पृथ्वी के जीवों को सूर्य की भरपूर कृपा मिलनी शुरू हो जाती है। सूर्य की भरपूर रोशनी हमें प्राप्त होती है। इस बार 2019 में मकर सक्रांति का विशेष महत्त्व है क्योंकि सूर्य तब मकर राशि में प्रवेश करेंगे जब अश्विनी नक्षत्र रहेगा, जो कि केतु का नक्षत्र है और 14 जनवरी की संध्या 19 :50  मिनट पर मकर राशि में सूर्य जायेंगे उस समय का योग सिद्ध है (सिद्ध योग ) और करण रहेगा " विष्टि " या भद्रा करण, नक्षत्र और करण का योग बहुत अच्छा नहीं होने की वजह से लगभग समस्त राशि प्रभावित होंगी।

मकर संक्रांति के निमित्त दान-पुण्य स्नान 15 जनवरी दिन मंगलवार को किया जायेगा। जिनके जीवन में ग्रहों से सम्बंधित कोई भी रोग या अड़चन हो, उनको निम्नलिखित विशेष वस्तु का दान देना चाहिए। 

शनि सम्बंधित कोई रोग या अन्य परेशानी हो जैसे - पेट समस्या, नसों की समस्या, चर्म रोग, वायु विकार या घरेलू कलह एवं कर्ज की स्थिति ज्यादा हो तो ऐसे जातक दान में काला तिल और सफ़ेद तिल और सरसो का तेल और अदरक अन्य सामग्री के साथ अवश्य दें। 

शुक्र से सम्बंधित कोई रोग जैसे मधुमेह, चेहरे पर झुर्रियां, पारिवारिक कलह, दाम्पत्य जीवन में अनबन आदि हो तो ऐसे जातक मिश्री, सफ़ेद तिल, जौ, चावल-आलू, इत्र इत्यादि सामग्री दान में दें। 

बृहस्पति से सम्बंधित कोई रोग या परेशानी हो जैसे पीलिया, गैस, हड्डी की कमजोरी, स्मरण शक्ति का कम होना, बाल झड़ना, सार्वजानिक स्थानों पर अपमानित होना, कुंडली में गुरु दोष, संतान से पीड़ित होना या घर में कोई लगातार बीमार पड़ा हो, ऐसी स्थिति में शहद, हल्दी, दाल, रसदार फल, केला अन्य सामग्री के साथ दान दें। 
 
बुध से संबंधित कोई भी रोग या परेशानी हो जैसे बुद्धिभ्रम, एलर्जी, पागलपन, मिर्गी, दांतो से समस्या, भाई-बहन में मनमुटाव, जमीं से सम्बंधित क़ानूनी करवाई ऐसी स्थिति में चावल के साथ धनिया, मिश्री, सूखा तुलसी पत्ता, मिठाई, मूंग, शहद का दान अवश्य करें। 
 
मंगल से सम्बंधित कोई भी समस्या या रोग हो, जैसे बार-बार बुखार आना, ब्लड प्रेशर, कैंसर, चोट, भाई-भाई में दुश्मनी, बच्चों से तनाव आदि की स्थिति में आप गुड़, शहद और अनार, मसूर, लाल चन्दन का दान अन्य सामग्री के साथ करें लाभ होगा। 

चन्द्रमा से संबंधित कोई रोग या परेशानी जैसे सर्दी, कफ, खांसी, स्वांस रोग, मानसिक रोग, लकवा इत्यादि पारिवारिक स्थिति सही न होना, रोजी रोजगार न होना, धन का आभाव हो तो चावल, कपूर, घी, दूध, दही, सफ़ेद चन्दन का दान अवश्य करें। 
 
सूर्य से सम्बंधित रोग या परेशानी जैसे पित विकार नेत्र विकार , माइग्रेन, हृदयरोग पिता पुत्र में मतभेद, नौकरी का छूटना, ऑफिसरों द्वारा परेशानी, सरकारी कर्जा हो ऐसी स्थिति में लाल मिर्च, लाल चन्दन, घी, आटा, गुड़, काली मिर्च जरूर दान दें। 

संक्रांति का विशेष दान ग्रहो से सम्बंधित दान के साथ चावल, घी, दही, आटा, गुड़, काला तिल, सफ़ेद तिल, लाल मिर्च, मिश्री, आलू और अपनी इच्छा अनुसार ब्राह्मण को दान करें और आशीर्वाद लें क्योकि संक्रांति पर किया हुआ दान ग्रह पीड़ा और पितृ दोष शांत करता है। 

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