सेशन कोर्ट ने एसपी रैंक के एक अधिकारी को फिरौती और अपहरण के मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई

बीबीसीखबर, क्राइमUpdated 20-01-2019
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एसपी रैंक के एक पुलिस अधिकारी मनोज लोहार को फिरौती के लिए अपहरण के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। लोहार के साथ इस आपराधिक मामले में शामिल रहे एक अन्य व्यक्ति धीरज येवले को भी कोर्ट ने दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा दी है। 

बता दें कि जलगांव जिले के चालीसगांव में तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक रहे लोहार पर वर्ष 2009 में यहां के स्थानीय जिला परिषद सदस्य उत्तम महाजन का अपहरण कर 25 लाख रुपये फिरौती मांगने का मामला सामने आया था। इस मामले में आरोप था कि एएसपी लोहार ने फिरौती के लिए अपने ऑफिस के साथ ही दो अन्य जगहों पर करीब तीन दिन तक जिला परिषद सदस्य को बंधक बनाक रखा। 

अभियोजन पक्ष के मुताबिक सब इंस्पेक्टर विश्वराव निंबालकर ने महाजन का अपहरण किया था। 30 जून 2009 को वह महाजन को लेकर लोहर के ऑफिर गया था। यहां महाजन को डराया गया कि अगर वह 25 लाख रुपये नहीं देगा तो उसके द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में चल रहे गलत कार्यों को सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

जलगांव जिला और सत्र न्यायधीश पी वाई लाडेटकर ने इस मामले में लोहार और धीरज को धारा 342, 346, 364-A, 385 सहित कई धाराओं में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। लोहार फिलहार मुंबई होमगार्ड में वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी के रूप में तैनात हैं

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