देश के सबसे बड़े बैंक घोटालों के आरोपी भगौड़े जूलरी कारोबारी मेहुल चोकसी अभी भी हैं भारतीय नागरिक

बीबीसीखबर, देशUpdated 04-02-2019
देश

 बीबीसी खबर: नई दिल्ली 

देश के सबसे बड़े बैंक घोटालों के आरोपी भगौड़े जूलरी कारोबारी मेहुल चोकसी अभी भी भारतीय नागरिक है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स को एक अधिकारी ने ऐसी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मेहुल चोकसी के पास एंटीगुआ और बरबूडा का पासपोर्ट होने के बावजूद वह अभी भी भारतीय नागरिक ही है और सरकार उसके प्रत्यर्पण पर जोर दे रही है। 



बता दें कि मेहुल चोकसी 14 हजार करोड़ रुपये वाले पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक है। पिछले साल घोटाले में नाम सामने आने से पहले ही वह देश छोड़कर भाग गया था। अगर मेहुल चोकसी की वापसी होती है तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले वह अपनी भ्रष्टाचार विरोधी छवि को मजबूत करना चाहती है। 

चोकसी पर अपने भांजे और हीरा कारोबारी नीरव मोदी और कुछ बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये के लोन लेने के आरोप हैं। मेहुल चोकसी पंजाब नैशनल बैंक में 14 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोपी है। इन दोनों ने ही इन आरोपों को खारिज कर दिया है और विदेश भाग चुके हैं। चोकसी के पास एंटीगुआ और बरबूडा का पासपोर्ट है। बता दें कि इन देशों में धनी विदेशी पैसे निवेश करने के बदले में वहां की नागरिकता पा सकते हैं। 

पिछले हफ्ते जॉर्जटाउन में एक इंटरव्यू के दौरान, गुयाना में इंडियन हाई कमिश्नर वेंकटचलम महालिंगम और एंटीगुआ व बरबूडा में नॉन-रेजीडेंट हाई कमिश्नर सेंट किट्स और नेविस ने कहा कि वे चोकसी को अभी भी भारतीय नागरिक ही मानते हैं। 

महालिंगम ने कहा, 'चोकसी ने अभी तक अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ी नहीं है। हमने उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमने उसकी नागरिकता भी रद्द कर दी है। नागिरकता छोड़ने के लिए हमें उससे सहमत होना चाहिए, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया है।' उन्होंने आगे कहा, 'आप कोई अपराध करें और उसके बाद देश छोड़कर भाग जाएं और सोचें कि हमने आपको नागरिकता छोड़ने की इजाजत दे दी है। यह बेहद मूर्खतापूर्ण सोच है।

सरकार ने अगस्त में चोकसी के प्रत्यपर्ण के लिए आवेदन किया था। चोकसी इसके खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। अगर चोकसी के भारतीय नागरिक होने पर सभी तरफ से सहमति हो जाती है तो उसे कॉमनवेल्थ-बेस्ड अग्रीमेंट के तहत एंटीगुआ से प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। लेकिन उसकी एंटीगुआ की नागरिकता के चलते स्थित जटिल हो जाती है क्योंकि भारत भी दो नागरिकताओं की इजाजत नहीं देता। 

सितंबर में एंटीगुआ के प्रधानमंत्री ऑफिस के स्टाफ प्रमुख लायनल हर्स्ट ने एक न्यूज़ चैनल से कहा था, 'एंटीगुआ और बरबूडा के दूसरे नागरिकों की तरह ही चोकसी को हर तरह की सुरक्षा का अधिकार है।

जनवरी में हर्स्ट ने चैनल को बताया कि अब चोकसी की लड़ाई एंटीगुआ की अदालत पर निर्भर है और चेतावनी दी थी कि यह केस 'काफी लंबे समय तक चल सकता है।

चोकसी ने नवंबर में मुंबई कोर्ट में एक ऐप्लिकेशन फाइल की थी जिसमें उसने देश छोड़कर भागने की बात से इनकार किया था। कोर्ट के दस्तावेजों से पता चलता है कि उसने गंभीर मेडिकल कंडीशन के चलते देश वापस आने में असमर्थता जताई थी। 

चोकसी के अभी तक भारतीय नागरिक होने के सवाल पर उसके मुंबई के वकील संजय अबॉट ने पुष्टि करते हुआ कहा कि चोकसी ने अपना पासपोर्ट सरेंडर कर दिया है। नागरिकता के सवाल पर उन्होंने एंटीगुआ में चोकसी के वकील डेविड डॉरसेट से बात करने को कहा। डॉरसेट ने इस बार में कोई बयान नहीं दिया है। 

Follow Us