लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार ने बेरोजगार और किसानों को लेकर लिया बड़ा फैसला

बीबीसीखबर, मध्य प्रदेशUpdated 08-02-2019
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लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार ने बेरोजगार और किसानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार 21 से 30 साल तक के 6.50 लाख शहरी बेरोजगारों को 100 दिन का काम देगी और प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करेगी। जो कि 4000 रु. मासिक से ज्यादा नहीं होगा। इसके लिए निकायों में बेरोजगारों का 10 फरवरी से पंजीयन होगा।

इसके अलावा किसानों का बिजली बिल भी आधा कर दिया गया है। इससे सीधे तौर पर करीब 19 लाख किसानों काे फायदा होगा। इसमें अस्थायी पंप उपभोक्ता भी शामिल हैं। दोनों ही फैसलों पर गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुहर लगा दी गई। किसानों की कर्जमाफी के बाद इन दोनों ही बड़े फैसलों को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देखा जा रहा है। कांग्रेस को उम्मीद है कि इससे चुनावों में फायदा मिलेगा।

 

भोपाल के  तवा बांध, हलाली डैम समेत अन्य वॉटर बॉडी में चल रहे क्रूज पर अब शराब पेय और वितरण किया जा सकेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है। धार्मिक स्थल, नर्मदा नदी, बड़े तालाब व उनपर बने डैम में चलने वाले क्रूज इसमें शामिल नहीं हैं। इसके साथ ही भोपाल-इंदौर एयरपोर्ट पर भी शराब वितरण हो सकेगा।

 

·         100 दिन के हिसाब से युवाओं को साढ़े 13 हजार रु. हर साल मिलेंगे

·         स्थानीय निकाय करेंगे बेरोजगारों का पंजीयन, नोडल एजेंसी भी बनी

·         इस योजना को लागू करने पर सरकार के 750 करोड़ रु. खर्च होंगे

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गणतंत्र दिवस पर युवा स्वाभिमान योजनाकी घोषणा की थी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग को इसकी नोडल एजेंसी बनाया गया। अब स्थानीय निकाय योजना के लिए 21 से 30 वर्ष की आयु के उन युवाओं का पंजीयन करेंगे, जिनकी पारिवारिक आय दो लाख रु. वार्षिक हो। 

 

युवाओं को साल में 100 दिन काम के लिए 134 रु. प्रतिदिन दिए जाएंगे। यह अधिकतम चार हजार रुपए प्रतिमाह होंगे। यानी सौ दिन के हिसाब से साढ़े तीन माह में साढ़े तेरह हजार रुपए हर साल मिलेंगे। 

 

कौशल विकास के लिए युवाओं को दस दिन ट्रेनिंग दी जाएगी। 31 दिसंबर 2018 तक मप्र में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 31 लाख है। इसमें से 21 से 30 वर्ष तक के युवाओं की संख्या तकरीबन 70 फीसदी है। ऐसे में सरकार ने योजना के लिए नए सिरे से पंजीयन की व्यवस्था की है।

 

बेरोजगारों के लिए युवा स्वाभिमान योजना को कांग्रेस सरकार ने केंद्र की कौशल संवर्धन योजना से जोड़कर डिजाइन किया है। यानी केंद्र से इस स्कीम में जो पैसा मिलेगा, वह किसी संस्था या विभाग के खाते में देने की बजाए सीधे बेरोजगारों के खातों में जाएगा। जबकि किसानों के बिल को आधा करने के लिए विभागों के मद से कटौती करके राशि जुटाई जाएगी। 

 

किसानों का बिजली बिल आधा करने से सरकार पर सालाना करीब 667 करोड़ रुपए का भार आएगा। सरकार यह राशि बिजली कंपनियों को अदा करेगी। अब तक किसानों को 1400 रुपए प्रति हार्सपावर के हिसाब से हर साल राशि देनी पड़ती है, जो अब 700 रु. हो जाएगी। ऐसे किसान जो सिंचाई के लिए कृषि पंपों पर आश्रित हैं, उन्हें सीधा लाभ मिलेगा।

 

कैबिनेट ने इंदिरा गांधी गृह ज्योति योजना को भी लागू करने का फैसला लिया। इसमें सरल योजना के करीब 62 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। जो उपभोक्ता 100 यूनिट तक बिजली का उपभोग कर रहे हैं, उनका बिल 100 रुपए महीना आएगा। अब तक इन्हें 200 रुपए फ्लैट रेट पर बिजली मिलती थी।

 

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