गरीबी से परेशान युवक ने एक बच्चे का किया अपहरण

बीबीसीखबर, कानपुरUpdated 08-02-2019
गरीबी

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यूपी के हरदोई जिले में गुरुवार दोपहर ग्रामीणों ने एक युवक को नोएडा से अगवा कर लाए बच्चे के साथ पकड़ा। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने युवक और बच्चे को कोतवाली ले जाकर पूछताछ की।

इस दौरान पता चला कि युवक ने मंगलवार को नोएडा के फेज तीन स्थित हनुमान मंदिर के पास खेल रहे इस बच्चे का अपहरण किया था। पुलिस ने घटना की जानकारी नोएडा पुलिस को दे दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गुरुवार की सुबह नोएडा के थाना फेज तीन में बच्चे के पिता ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 


मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गांव मुनौरापुर में जितेंद्र की परचून की दुकान पर गुरुवार दोपहर एक युवक पांच साल के बच्चे के साथ पहुंचा। युवक ने जितेंद्र से पूछा कि इस गांव में क्षत्रिय बिरादरी के लोग कहां रहते हैं, बच्चे को वहीं छोड़ने जाना है।

 

वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने शंका होने पर युवक और बच्चे से पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान बच्चे ने बताया कि वह युवक को नहीं जानता है, उसे जबरन लाया गया है। इस पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस युवक और बच्चे को मल्लावां कोतवाली ले गई और पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम बंशीलाल पुत्र घासीराम निवासी सलेमपुर बताया। साथ ही यह भी बताया कि उसने बच्चे का अपहरण नोएडा के फेज तीन स्थित मंदिर के पास से किया है। 

 

उसने बताया कि वह बच्चे को लेकर रोडवेज बस से कन्नौज आया था और बुधवार को कन्नौज में रुकने के बाद गुरुवार की सुबह गांव तपनौर जा रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने रास्ते में ही पकड़ लिया। अपहरण कर लाए गए बच्चे ने अपना नाम प्रांशू और पिता का नाम रामपाल बताया है। 


प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि बरामद बच्चा और गिरफ्तार किए गए युवक के बारे में नोएडा पुलिस को सूचना दे दी गई है। नोएडा के थाना फेज तीन के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को बच्चे के गुम होने की सूचना मिली थी।

गुरुवार सुबह बच्चे के पिता रामपाल की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि रामपाल अपने परिवार के साथ फेज तीन थाना क्षेत्र के चोटपुरा कालोनी में रहता है और प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता है। यह परिवार लखीमपुर जिले का रहने वाला है।

प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी की मानें तो पूछताछ के दौरान बंशीलाल ने बताया कि वह गरीबी के कारण परेशान था। नोएडा में एक फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन जल्दी अमीर बनने की चाहत थी। इसी चाहत के कारण उसने पांच साल के प्रांशू का अपहरण कर लिया।

प्रांशू के परिजनों के बारे में बंशीलाल कुछ नहीं बता पाया। पूछताछ में ऐसा लगा कि वह फिरौती से नहीं बल्कि बच्चे को बेचने की नीयत से उठाया था। ऐसे में पुलिस के लिए अहम सवाल यह भी है कि आखिर बंशीलाल बच्चे को बेचने के लिए मुनौरापुर ही क्यों पहुंचा। अब पुलिस इस पर भी जांच कर रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं बच्चों की खरीद फरोख्त का कोई गैर कानूनी कार्य चल रहा हो और इसके तार मुनौरापुर से जुड़े हों।

पूछताछ के दौरान बंशीलाल ने पुलिस को बताया कि काफी देर तक बच्चा अकेला खेलता दिखा तो उसने अपने पास बुलाया। 50 रुपये देकर पास ही स्थित दुकान से माचिस लाने के लिए कहा। बच्चा जब माचिस लेकर आया तो बंशीलाल ने बच्चे को बिस्कुट दिलाने की बात कही और अपने साथ ले गया।

 

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