गुजरात में राहुल-प्रियंका संग जुटेंगे दिग्गज

बीबीसीखबर, देशUpdated 21-02-2019
गुजरात

 बीबीसी खबर

28 फरवरी से कांग्रेस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरु हो रही है। इस साल कांग्रेस वर्किंग कमेटी की पहली बैठक गुजरात के अहमदाबाद में होगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत ढाई दर्जन से ज्यादा राष्ट्रीय नेता इसमें शामिल होंगे। साथ ही कांग्रेस की सर्वोच्च इकाई की यह पहली बैठक होगी, जिसमें नव नियुक्त महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी भी शामिल होंगी। 

लोकसभा चुनाव को लेकर यह बैठक अहम मानी जा रही है। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बयान के अनुसार इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य और लोकसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में हुई प्रगति पर चर्चा की जाएगी।

सवाल है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की शुरुआत गुजरात से ही क्यों। गुजरात के कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से राज्य में कार्यसमिति की बैठक करने का आग्रह किया था। उन्हें उम्मीद है कि ऐसा होने से राज्य में कांग्रेस के समर्थन में माहौल बनेगा।

जहां तक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से आग्रह की बात है, तो राजस्थान और मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भी उनके यहां सीडब्ल्यूसी की मीटिंग के लिए आग्रह किया था और दोनों ही राज्यों में कांग्रेस सत्ता में भी है। वहीं, कर्नाटक में भी सीडब्ल्यूसी की मीटिंग के लिए शीर्ष नेतृत्व तक बात पहुंची थी। यहां भी कांग्रेस गठबंधन कर सत्ता में है। 

तो फिर सीडब्ल्यूसी की बैठक की शुरुआत गुजरात से ही क्यों? राजनीतिक विश्लेषकों की मानें, तो इसके पीछे कांग्रेस का उद्देश्य पीएम मोदी के गढ़ में सेंधमारी करना हो सकता है। दरअसल, गुजरात में कुल 26 लोकसभा सीटें हैं। सभी पर भाजपा काबिज है। कांग्रेस इस चुनाव में आठ सीट जीतने की उम्मीद कर रही है। 

गुजरात विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। राज्य की कुल 182 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 99 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 77 सीटों पर कब्जा जमाया था। 2012 की तुलना में भाजपा को 16 सीटों का नुकसान हुआ था, जबकि कांग्रेस को 16 सीटों का फायदा हुआ था।

हालांकि कांग्रेस 92 के जादुई आंकड़े को नहीं छू पाई थी और अन्य को मिली तीन सीटें जोड़कर भी वह सरकार बनाने की स्थिति में नहीं थी, लेकिन भाजपा के गढ़ में ऐसे प्रदर्शन पर कांग्रेस काफी उत्साहित थी।

केंद्र सरकार ने नवंबर 2016 में नोटबंदी की थी और जून 2017 में जीएसटी लागू किया था। दोनों ही फैसलों से कारोबारी ज्यादा प्रभावित हुए थे। गुजरात में कारोबारी वर्ग दोनों ही फैसलों पर भाजपा से नाराज दिखा था और विरोध में प्रदर्शन भी किया था। कांग्रेस ने इसे हथियार की तरह इस्तेमाल किया। बीते विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका फायदा भी मिला।

ऐसे में एक बार फिर से कांग्रेस इसे कैश कराना चाहेगी। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, देश में आलोचनाओं का सामना कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि गुजरात में भी प्रभावित हुई है। इस बिंदु पर भी गुजरात में उसे मतदाताओं का समर्थन मिलने की उम्मीद है। 

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की सीधी टक्कर मुख्यत: भाजपा से ही रही है। हालिया राजनीतिक परिदृश्य को किनारे करें तो देश में पिछले कई आम चुनाव भी यूपीए बनाम एनडीए होते रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी हाल के दिनों में आक्रामक हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ललकारते दिख रहे हैं।


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