बर्फ से ढका केदार नाथ धाम,सफाई करने आ रही मुश्किलें

बीबीसीखबर, देहरादूनUpdated 09-03-2019
बर्फ

 बीबीसी खबर

केदारनाथ धाम में दो माह में लगभग 38 फीट बर्फ गिर चुकी है। इस दौरान औसतन हर दूसरे दिन धाम में बर्फबारी हुई है। धाम में अब भी 14 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जिसमें मजदूर स्कीइंग का आनंद ले रहे हैं।

पैदल मार्ग और धाम में जमा बर्फ को पिघलाने के लिए प्रशासन द्वारा 50 कुंतल चूना व नमक खरीदने का ऑडर दे दिया गया है। अप्रैल के पहले सप्ताह में यह सामग्री पैदल मार्ग से धाम तक पहुंचाई जाएगी और बर्फ के ऊपर डाली जाएगी। इधर, डीडीएमए की तीन टीमें पैदल रास्ते की स्थिति को जानने के लिए रवाना कर दी गई हैं।

केदारनाथ-गौरीकुंड पैदल मार्ग पर भी 8 से 10 फीट तक बर्फ मौजूद है, जिस पर आवाजाही संभव नहीं है। आपदा के बाद यह पहला मौका है, जब क्षेत्र में इस कदर बर्फबारी हुई है। समुद्रतल से 11500 फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान आशुतोष के ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ धाम में इस बार बर्फबारी का नया रिकार्ड बना है। यहां, दो माह में कुल 38 फीट तक बर्फ गिर चुकी है। खराब मौसम के कारण यहां डेढ़ माह से पुनर्निर्माण कार्य ठप पड़े हैं। पेयजल लाइनें बर्फ में दबी हैं, जिस कारण सप्लाई बंद है। 

पैदल मार्ग पर बर्फबारी से बिजली तारें व पोल टूटने से डेढ़ माह से बिजली भी गुल है, जिस कारण यहां रह रहे कार्यदायी संस्था के मजदूरों व पुलिस जवानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन लोगों की मानें तो आने वाले दिनों में कम से कम 25 दिन तक चटक धूप रहने पर ही 60 फीसदी तक जमा बर्फ पिघल सकती है। 

तभी अप्रैल माह में शेष बर्फ को साफ करने में आसानी हो सकती है। 17 किमी पैदल मार्ग पर भी जंगलचट्टी से आगे भारी बर्फ है, जिस पर इस माह आवाजाही संभव नहीं है। वुड स्टोन के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि इस वर्ष जनवरी की अपेक्षा फरवरी में तेज और अधिक समय तक बर्फबारी हुई है। इस छह बार ऐसा हुआ जब केदारनाथ में 24 घंटे से अधिक समय तक लगातार बर्फ गिरी है। 

केदारनाथ में भारी बर्फ मौजूद है, जिसे साफ करना अभी संभव नहीं है। मौसम विभाग से जानकारी लेकर अग्रिम योजना बनाई जा रही है। अप्रैल पहले सप्ताह से पैदल मार्ग से धाम तक बर्फ सफाई की जाएगी। इसके लिए पर्याप्त नमक व चूने की खरीद का ऑडर दे दिया गया है। 

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