नक्सलियों के चंगुल से छूटकर लौटे शिक्षक और एसआई

बीबीसीखबर, छत्तीसगढ़Updated 12-03-2019
नक्सलियों

 बीबीसी खबर

नक्सलियों के कब्जे में कैद थानेदार ललित कुमार कश्यप और उनके साथी शिक्षक जय सिंह कुरेटी मंगलवार सुबह सकुशल लौट आए हैं। दोनों को सोमवार को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था। जिसके बाद एसआई ललित कुमार की हत्या करने की अफवाह फैल गई थी। ग्रामीणों की ओर से मुख्यालय आकर भी इसकी सूचना दी गई। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की थी। पुलिस की ओर से सर्चिंग तेज की गई और उन्हें ढूंढ निकाला गया।

एसआई और शिक्षक दोनों सुबह समेली कैंप पहुंच गए थे। जहां से  दंतेवाड़ा पुलिस दोनों को दंतेवाड़ा ला रही है। जहां उनसे पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों ने साजिश के तहत बड़ी सर्चिंग पार्टी को फंसाने के लिए एंबुश लगा रखा था। दोनों का अगवा करने का मकसद भी जवानों को एंबुश में फंसाने का था। हालांकि नक्सली अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। फिलहाल एसआई और शिक्षक को कहां से और कैसे बरामद किया गया, इस बारे में अभी जानकारी नहीं हो सकी है। 

बताया जा हा है कि नक्सलियों ने दोनों को देर रात ही छोड़ दिया था। जिसके बाद वे सुबह करीब 7 बजे समेली कैंप पहुंच गए। एसपी अभिषेक पल्लव ने दोनों के सकुशल लौटने की पुष्टि की है। पूछताछ के बाद इस मामले में और खुलासा हो सकता है। इसे लेकर शाम को पुलिस अधिकारी जिला मुख्यालय में मीडिया से बात करेंगे। 

 

एसआई ललित कांकेर के रहनेवाले हैं, जबकि शिक्षक जय सिंह बालोद के करियाटोला (गुरूर) के निवासी हैं। नक्सलियों ने दोनों को अरनपुर थाना क्षेत्र के जबेली गांव से अगवा किया एसआई के अगवा होने की जानकारी भी अफसरों को देर शाम तब लगी जब वे कैंप नहीं पहुंचे। एसआई की पोस्टिंग 27 मार्च 2018 को सीआरपीएफ कैंप समेली में हुई थी, जबकि शिक्षक कुरेटी प्राथमिक शाला स्कूलपारा जबेली-1 में पदस्थ हैं।

 

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