15 लाख रुपए के विवाद के चलते महिला की गला दबाकर हत्या

बीबीसीखबर, फरीदाबादUpdated 12-03-2019
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 बीबीसी खबर

पल्ला थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला की 15 लाख रुपए के विवाद के चलते गला दबाकर हत्या कर दी गई। वह पिछले एक सप्ताह से लापता थी। पति के साथ इस्माइलपुर में रहती थी और किसी फाइनेंसर के यहां नौकरी करती थी। पुलिस ने इस मामले में मां बेटे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक हत्यारोपियों ने शव को मोलड़बंद, दिल्ली स्थित घर के सेफ्टी टैंक में फेंक दिया था। पुलिस ने शव बरामद कर लिया है। 

 

पुलिस को दी शिकायत में इस्माइलपुर निवासी रवि कुमार ने कहा है कि उसकी पत्नी अनामिका किसी फाइनेंसर के साथ फाइनेंस का काम करती है। 6 मार्च की सुबह वह अंबिका भगत और मोनू उर्फ मनीष तिवारी के साथ काम से गई थी। लेकिन घर नहीं लौटी।

पुलिस ने अनामिका के लापता होने का मामला दर्ज कर जांच मिसिंग पर्सन सेल के पास भेज दी। जांच के दौरान सेल के प्रभारी नरेंद्र शर्मा ने कुछ गड़बड़ी की आशंका नजर आई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से बात कर क्राइम ब्रांच की मदद मांगी। कमिश्नर ने मामले का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच डीएलएफ की टीम को लगा दिया। 

जांच के दौरान पुलिस टीम को पता चला कि अंबिका भगत और मोनू तिवारी की मां मधु तिवारी मृतका के पास प्लॉट खरीदने के लिए चार साल से किश्तों में रुपए जमा करा रहे थे। करीब 15 लाख रुपये जमा करवाए थे। किश्तें समाप्त होने के बाद दोनों ने अनामिका से प्लॉट दिलवाने और रजिस्ट्री करवाने की मांग करने लगे।

 

लेकिन अनामिका कई दिन तक उन्हें टरकाती रही। इससे परेशान अंबिका भगत और मधु तिवारी ने अनामिका की हत्या करने की योजना बनाई। जांच अधिकारी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि अंबिका भगत ने एलआईसी कराने के बहाने उसे अपने घर मोलड़बंद, दिल्ली बुलाया। वहां अंबिका भगत, मधु तिवारी और उसके बेटे मोनू तिवारी ने साजिश के तहत गला दबाकर हत्या कर दी। शव को छिपाने के लिए उन्होंने घर में बने सेफ्टी टैंक में फेंक दिया। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

 

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