कंपनी फेसबुक लाइव स्ट्रीमिंग सेवा के इस्तेमाल को लेकर नियमों में करने जा रही सख्ती

बीबीसीखबर, सोशल नेटवर्कUpdated 31-03-2019
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फेसबुक ने न्यूजीलैंड की मस्जिद पर आतंकी हमले में 50 लोगों की मौत के बाद कहा है कि वह उसके प्लेटफार्म पर कौन यूजर लाइव जाएगा, इस पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। कंपनी फेसबुक लाइव स्ट्रीमिंग सेवा के इस्तेमाल को लेकर नियमों को सख्त करने जा रही है। यद्यपि इसके लिए कुछ खास मापदंड रखे जाएंगे।

फेसबुक के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शेरिल सैंडबर्ग ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि कंपनी कम्यूनिटी गाइडलाइंस के आधार पर यह मॉनीटर करेगी कि फेसबुक पर कौन लाइव जा सकता है। बता दें कि क्राइस्टचर्च हमलावर ने पूरी घटना को फेसबुक पर लाइव किया था। सैंडबर्ग ने ब्लॉग में लिखा कि इस घटना के बाद सवाल उठ रहे थे कि ऐसे भयानक वीडियो को सर्कुलेट करने के लिए फेसबुक जैसे ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कैसे किया गया। 

उन्होंने कहा कि ऐसे ही यूजरों को प्रतिबंधित करने पर फेसबुक विचार कर रहा है। इसी मकसद ने घृणा फैलाने के मामलों को रोकने के लिए फेसबुक पर ज्यादा बदलाव किए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड में घृणा फैलाने वाले समूहों की पहचान कर उन्हें फेसबुक से हटाने के लिए कंपनी एआई तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है। 

ऐसे समूह फेसबुक सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे। कंपनी ने तीन तरह के कदम उठाने को कहा है। पहला- फेसबुक लाइव के नियमों को सख्त करना, दूसरा- घृणा का फैलाव रोकना और तीसरा- न्यूजीलैंड समुदाय का समर्थन।


फेसबुक सीओओ ने अपने ब्लॉग में लिखा कि कंपनी ऐसे लोगों प्रतिबंध लगाने के बारे मे विचार कर रही है जो पूर्व में फेसबुक लाइव में नियमों का उल्लंघन कर चुके हैं। फेसबुक सॉफ्टवेयर इंप्रूवमेंट के जरिए ऐसी तकनीक भी खोज रहा है जिससे हिंसक वीडियो और तस्वीरों के संपादित वर्जन का तुरंत पता लग सके और उन्हें शेयर या री-पोस्ट करने से रोका जा सके। 

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