दर्दनाक हालत में जंगल में मिला बच्ची का शव

बीबीसीखबर, क्राइमUpdated 31-03-2019
दर्दनाक

 बीबीसी खबर

घर के बच्चे दादी और बुआ के काफी करीब माने जाते हैं, लेकिन उत्तराखंड के खटीमा में हुई घटना ने इन रिश्तों को ही तार-तार कर दिया। वारदात का खुलासा होने के बाद से क्षेत्र के लोग भी सन्न हैं। यही नहीं पूरी वारदात में बच्ची का करीबी एक किशोर रिश्तेदार भी शामिल है। हर किसी के जेहन में यही सवाल है कि आखिर मासूम ने उनका क्या बिगड़ा था?

पुलिस के अनुसार वार्ड संख्या चार इस्लामनगर निवासी समसीरन पत्नी स्व. सुलेमान के तीन पुत्र और चार बेटियां हैं। इनमें सबसे बड़ा उस्मान, मझला इरफान और एक छोटा बेटा है। बेटियों में अंजुम की शादी हो चुकी है। घर पर तबस्सुम, उसनुमा और सबसे छोटी बेटी खुशनुमा है।

 

सीओ कमला बिष्ट ने बताया कि इरफान पत्नी शहनाज और बच्चों के साथ नई बस्ती से चार पांच साल पहले ही यहां रहने के लिए आया था। उसका घर अपनी मां और अन्य परिजनों के बगल में ही है। तीन-चार साल से मां और परिजनों से उसकी बोलचाल बंद है।


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मार्च को मुर्गी चोरी को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। मामला कोतवाली पहुंचने पर पुलिस ने 107-16 के तहत कार्रवाई की थी। एक पक्ष के इरफान और दूसरे पक्ष की बुआ, दादी आदि को चोट लगी थी। इसके बाद दादी पक्ष के लोगों ने इसका बदला लेने की ठानी। इसमें खुशनुमा के दोस्त कंचनपुरी निवासी यूनुस को भी शामिल किया गया।

यूनुस बृहस्पतिवार को रुपये उधार होने का बहाना बनाकर बच्ची की रेकी करने आया। घर में परिजनों ने सभी का उससे परिचय कराया। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे वह आंगनबाड़ी केंद्र में मामा बनकर आया और बच्ची को साथ ले गया। वह टुकटुक से भिलैया के जंगल की ओर गया, जहां बच्ची का नाबालिग रिश्तेदार पहले से मौजूद था।



बच्ची को दोनों जंगल में अंदर की तरफ ले गए और वहां ले जाकर यूनुस ने कांच की बोतल से बच्ची के सिर और पेट में वार कर उसकी हत्या कर दी। एक आंख भी निकाली गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त बोतल और बच्ची की चप्पलें बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।

चार वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में शुक्रवार देर रात ही सरकारी अस्पताल में तीन चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रात करीब दो बजे पोस्टमार्टम पूरा हुआ। पैनल को लीड कर रहे डॉ. अकलीम अहमद ने बताया कि बिसरा जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है। डॉ. अहमद ने बताया कि पैनल में उनके अलावा डॉ. अमित बंसल और डॉ. ममता शामिल रहीं। बच्ची की बाईं आंख गायब है और पेट से आंत बाहर निकली हुई थी। साथ ही दाहिने हाथ में चोट के दो गहरे घाव, गले में भी निशान मिले हैं। 
 
मासूम रोशनी के हत्याकांड के खुलासे में इरफान की भांजी रिहाना की ओर से आरोपी यूनुस को बच्ची को ले जाते देखा जाना अहम सुराग रहा। रिहाना के बताने पर ही पुलिस और परिजन सक्रिय हुए। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस से यूनुस की लोकेशन मिलने पर उसे धर दबोचा और पूरे मामले का खुलासा हो गया। 

 

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