तीन-तीन बेटियों को जन्म देने पर महिला को मिली मौत की सजा

बीबीसीखबर, गोंडाUpdated 14-04-2019
तीन-तीन

 बीबीसी खबर

बेटियों को बचाने के लिए सरकार और स्वयं सेवी संस्थाएं कितना भी अभियान चलाएं लेकिन उसका जमीन पर असर कम ही दिख रहा है। चंदीपुर गांव में एक महिला की हत्या उसके ससुरालीजनों ने सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि उसने एक के बाद एक तीन बेटियां को जन्म दे दिया।

इतना ही नहीं आरोपियों ने हत्या का साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव को बिना मायके वालों को बताए जला दिया। शनिवार को मृतका के भाई ने थाना तरबगंज में पति समेत चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी मगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं किया। मायके वालों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

थाना वजीरगंज क्षेत्र के गेड़सर गांव के रहने वाले सुखराम ने बताया कि उसने अपनी बहन शीला देवी की शादी आठ मार्च 2009 को थाना तरबगंज क्षेत्र के चंदीपुर गांव के रहने वाले महेश के साथ की थी।

शादी के बाद शीला देवी ने एक के बाद एक तीन बेटियों को जन्म दिया। सुखराम ने बताया कि शीला की पहली बेटी साक्षी का जन्म वर्ष 2011 में हुआ। जो कि अब आठ साल की है। इसके बाद दूसरी बेटी निधि पांच साल की व तीसरी बेटी आठ माह की माही है। तीन बेटियों के जनने से ससुराल वाले बेटे की चाहत में शीला के पति महेश पर दूसरी शादी करने का दबाव बनाते रहे। आरोप है कि 8 अप्रैल को ससुराल वालों ने शीला को मारा पीटा। इसके बाद रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने के लिए मायके वालों को सूचना दिए बगैर शव को जला दिया।

सुखराम ने बताया कि बहन की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने वह थाना तरबगंज गया और पति महेश समेत चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी तो पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

वहीं, थानाध्यक्ष संजय दुबे का कहना है कि शीला का अंतिम संस्कार मायके वालों की मौजूदगी में किया गया। तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।

चंदीपुर की रहने वाली शीला देवी की हत्या से उसकी तीन बेटियों के सिर से मां का साया उठ गया। मासूम बेटियां मां को हरवक्त तलाश रही हैं। पांच साल की निधि व आठ माह की माही को तो यह भी पता नहीं कि उनकी मां अब नहीं रही। परिवार के लोग बेटियों को बहलाने में लगे है।

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