रोहित मर्डर केस में क्राइम ब्रांच ने पत्नी अपूर्वा को किया गिरफ्तार

बीबीसीखबर, मध्य प्रदेशUpdated 24-04-2019
रोहित

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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके दिवंगत एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर की हत्या के मामले में बुधवार सुबह दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पत्नी अपूर्वा को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पिछले तीन दिनों से पूछताछ जारी थी। आइए जानते हैं, अपूर्वा का मध्यप्रदेश से क्या नाता है:

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की शादी 11 मई 2018 को मध्यप्रदेश के शहर इंदौर निवासी अपूर्वा शुक्ला से हुई थी। लेकिन, पत्नी के साथ पहली सालगिरह मनाने से पहले ही दोनों का साथ जिंदगी भर के लिए छूट गया।

अपूर्वा ने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई भी इंदौर में ही की है। वर्ष 2015 से इंदौर हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। 2016 में वह प्रैक्टिस के लिए सुप्रीम कोर्ट चली गईं। शादी के बाद अपूर्वा का इंदौर आना-जाना भी लगा रहता था। बीते छह महीने से वह इंदौर हाईकोर्ट में भी प्रैक्टिस कर रही हैं।

अपूर्वा के पिता पीके शुक्ला इंदौर हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं। घटना के बारे में मीडियाकर्मियों के पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आरोप तो भगवान पर भी लगे हैं। वह किसी को डांटे, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, हत्या की बात तो संभव भी नहीं है।

रोहित शेखर और अपूर्वा की शादी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पहुंचकर वर-वधु को आशीर्वाद दिया था। नई दिल्ली के पांच अशोक रोड स्थित आनंदा भवन में हुए विवाह समारोह में कई नेताओं ने शिरकत की थी।

उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, यूपी की मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, डॉ. अम्मार रिजवी, खटीमा विधायक हरीश धामी, हल्द्वानी के पीयूष डालाकोटी, हल्दूचौड़ से दुम्का परिवार एवं एनडी तिवारी के पैतृक गांव के ग्रामीणों ने भी पहुंचकर वर-वधु को आशीर्वाद दिया था।

रोहित ने जनवरी 2017 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी। रोहित एनडी तिवारी और उज्ज्वला शर्मा की जैविक (बायोलॉजिकल) संतान थे। एनडी तिवारी प्यार से रोहित को गुंजनू बुलाते थे। यह बात रोहित ने खुद बताई थी। दोनों के बीच चल रहा कानूनी विवाद मार्च 2014 में खत्म हुआ था, जिसके बाद रोहित अपने पिता के साथ ही रह रहे थे।

कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वर्गीय एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी अपने छोटे से राजनीतिक जीवन में पक्के सियासी ठौर की तलाश ही करते रहे। मगर यह उन्हें नसीब नहीं हो पाया। कांग्रेस, भाजपा से लेकर सपा तक के साथ उनका प्रत्यक्ष और परोक्ष नाता रहा, लेकिन दमदार राजनीतिक पारी खेलने के लिए एक भी ऐसा घर उन्हें नहीं मिल पाया, जो उन्हें आत्मसात करता। 

अपने जैविक पुत्र को राजनीति में स्थापित करने के लिए एनडी तिवारी ने भी खूब मशक्कत की, लेकिन बात नहीं बन पाई। तिवारी के उत्तराधिकारी बतौर खुद को स्थापित करने के लिए रोहित शेखर तिवारी आने वाले दिनों में और संघर्ष करते, लेकिन असामयिक मौत ने सारी संभावनाओं का पटाक्षेप कर दिया।

रोहित शेखर तिवारी कभी कांग्रेस के सदस्य नहीं रहे, लेकिन एनडी तिवारी की वजह से उनका कांग्रेस के साथ एक मजबूत रिश्ता पूरे समय दिखाई दिया। एनडी तिवारी ने उन्हें कांग्रेस के जरिए ही राजनीति में आगे बढ़ाने की कोशिश की। कुमाऊं के कई क्षेत्रों में एनडी कई बार रोहित को लेकर घूमे, लोगों से मिलवाया, लेकिन सब कुछ उस दौर में हुआ, जबकि कांग्रेस में एनडी तिवारी मजबूत नहीं रह गए थे। 

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