पतंजलि योगपीठ की लैब में उगाई जा रही बेशकीमती कीड़ा जड़ी

बीबीसीखबर, देहरादूनUpdated 02-05-2019
पतंजलि

  

बीबीसी खबर

 

योग गुरु स्वामी रामदेव पतंजलि योगपीठ की लैब में भी बेशकीमती कीड़ा जड़ी (कॉर्डिसेप्स मिलिट्रिस) उगाई जा रही है। यह जड़ी मशरूम गर्ल के नाम से विख्यात एवं उत्तराखंड में मशरूम की ब्रांड एंबेसडर दिव्या रावत की देखरेख में उगाई जा रही है। यह जड़ी औषधीय गुणों के कारण कई बीमारियों में रामबाण का काम करती है। जिसकी कीमत बाजार मूल्य दो लाख रुपये प्रति किलो तक है।

कीड़ा जड़ी उत्तराखंड के चमोली और पिथौरागढ़ के बुग्यालों में (3500 मीटर ऊंचाई पर) होती है। इसका वैज्ञानिक नाम कॉर्डिसेप्स मिलिट्रिस है और हैपिसस फैब्रिकस नाम के कीड़े के कैटरपिलर्स पर ये उगती है। हालांकि उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में पाई जाने वाली कॉर्डिसेप्स साइनेसिस है। दिव्या रावत ने पूरे देश में पहली बार कीड़ा जड़ी को देहरादून के मथोरावाला में अपने सौम्या फूड प्राइवेट लिमिटेड की लैब में उगाया था। 

पतंजलि योगपीठ की लैब में में कीड़ा जड़ी को उगाने के लिए बुग्यालों के अनुरूप में पूरा वातावरण तैयार किया गया है। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि योगपीठ की लैब में कीड़ा जड़ी उगाई जा रही है। औषधीय गुण होने के कारण बाजार में इसकी काफी मांग है। हालांकि इसकी कीमत काफी ज्यादा है।

दिव्या रावत के अनुसार कीड़ा जड़ी की थाईलैंड, वियतनाम, चीन और कोरिया सहित विभिन्न देशों में लगभग 680 प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि भारत में इसकी एक से दो प्रजाति की पाई जाती है। शक्ति बढ़ाने में सहायक होने के कारण कई देशों के एथलीट इसका प्रयोग करते हैं।

कीड़ा जड़ी में एस्पार्टिक एसिड, ग्लूटेमिक एसिड, ग्लाईसीन जैसे महत्वपूर्ण एमीनो एसिड, कैल्शियम, सोडियम, विटामिन सहित इंसान के शरीर के लिए कई उपयोगी तत्व पाए जाते हैं। जिस कारण कीड़ा जड़ी रक्त शर्करा को नियंत्रित करती है। किडनी के रोगों से बचाती है और किडनी को संतुलित बनाए रखने में मददगार साबित होती है। जीवन शक्ति, सहन शक्ति को बढ़ाती है और थकान कम करती है। महिला और पुरुष की प्रजनन क्षमता को बढ़ता है। कमर और घुटनों के दर्द को कम करता है। रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी के कारण दुष्प्रभावों को निष्क्रिय करता है। फेफड़े और गुर्दे की बीमारियों से निजात दिलाती है। 

योग गुरु स्वामी रामदेव ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो शेयर करके लैब में कीड़ा जड़ी बनाने जानकारी दी है। वीडियो में उन्होंने बताया कि 225 स्कॉयेर फीट की लैब में कीड़ा जड़ी तैयार की जा रही है। अनुकूल तापमान देने के लिए लैब की दीवारों पर ऑयल पेंट किया गया है। लैब के तापमान को 18 से 22 डिग्री तक रखा गया है। कीड़ा जड़ी उगाने के लिए प्लास्टिक के डिब्बों का उपयोग किया गया है। जिन्हें स्टेनलेस स्टील की रैक पर रखा गया है। लैब में 854 डिब्बों में कीड़ा जड़ी उगाई जा रही है। जिससे लगभग पांच किलो तक पैदावार होगी। 

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