रोहित शेखर की हत्या के मामले में अपूर्वा ने पुलिस के सामने खोले कई राज

बीबीसीखबर, दिल्लीUpdated 03-05-2019
रोहित

 बीबीसी खबर

 

दिवंगत एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर की हत्या के मामले में अपूर्वा ने पुलिस को कुछ नई बातें बताई हैं। अपूर्वा ने 10 अप्रैल से लेकर 15 अप्रैल तक के पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार खुलासा किया है। जिसमें कई ऐसी बातें सामने आई हैं जो अब तक लोगों को नहीं पता थीं।

उसने बताया कि रोहित, उसकी मां उज्ज्वला और अन्य रिश्तेदार 10 अप्रैल को उत्तराखंड के काठगोदाम चले गए थे। वह सभी 15 अप्रैल को रात करीब 9.45 बजे दिल्ली लौटे थे। अपूर्वा ने बताया कि उसने ये गौर किया कि रोहित और वह महिला दोनों ही नशे में थे। मैंने रोहित को खाना दिया और फिर बाद में हम दोनों साथ में ऊपर बेडरूम में चले गए। रात करीब 10.45 बजे मेरी सास उज्ज्वला और कुछ अन्य रिश्तेदार भोजन के लिए आए। इसलिए मैं और रोहित रात लगभग 11.30 बजे तक उन लोगों के ही साथ रहे।

अपूर्वा ने बताया कि उसने आधी रात को खाना खाया और फिर कुछ देर के लिए टीवी पर सावधान इंडिया देखा। रात करीब 12.45 पर वह पहली मंजिल स्थित रोहित के कमरे में गई। उस वक्त वह सो रहा था लेकिन फिर दोनों ने बात करनी शुरू की। अपूर्वा ने रोहित से महिला के बारे में पूछना शुरू कर दिया कि क्या उसने महिला के साथ शराब पी, लेकिन वह इस बात पर नाराज हो गया जब अपूर्वा ने पूछा कि क्या दोनों ने एक ही ग्लास से शराब पी?

अपूर्वा ने पुलिस को बताया रोहित के गुस्सा होने पर उसने रोहित को मारना शुरू किया। वह पहले ही रोहित पर बैठ चुकी थी और फिर उसने रोहित का गला दबाना शुरू कर दिया। फिर बाद में उसने रोहित का मुंह तकिए से दबा दिया।

अपूर्वा ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया, कि जब उसे यह संतोष हो गया कि रोहित जिंदा नहीं है तब वह कमरे से बाहर चली गई। उसने यह सोचा कि उसके पति की मौत हार्ट अटैक की तरह ली जाएगी। उसने ये कबूल किया कि इस वारदात को अंजाम देने के बाद वह सो नहीं सकी और यह सोचती रही कि उसने ये क्या कर दिया। हालांकि उसी समय वह ये भी सोच रही थी कि वह कितने दिनों बाद आजाद हुई है। वह खुद को आजाद महसूस कर रही थी। उसने सोचा, मैंने अपनी जिंदगी की भलाई के लिए रोहित को निकाल दिया। वह मेरे दुखों का प्रमुख कारण बन गया था।

अगले दिन वह सुबह 11 बजे अपने कमरे से निकलकर आई। उसने बताया, 'मैं इंतजार करती रही कि कोई रोहित के कमरे में जाए और उसकी मौत का पता लोगों को चले। मैं खुद वहां जाने से डर रही थी।' कोई वहां नहीं गया तो शाम 4 बजे मैंने घर के नौकर गोलू को रोहित को जगाने के लिए कहा। गोलू रोहित के कमरे में पहुंचा तो देखा कि रोहित के नाक से खून निकल रहा था। रोहित को मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार अपूर्वा को यह बात स्पष्ट थी कि उसने क्या किया है। अपूर्वा ने बताया, मैंने रोहित को मार दिया क्योंकि वह क्रूर था, अविवेकी था और मुझे प्यार भी नहीं करता था। हम अक्सर ही उसके अफेयर को लेकर लड़ते थे लेकिन उस बारे में लज्जित होने की बजाय उसने उस रिश्ते का दंभ भरना शुरू कर दिया। रोहित मेरे अभिभावकों की बेइज्जती करता था और उसकी मां हमेशा मुझे ताने मारती थीं। ये वो जिंदगी तो नहीं थी जिसकी मैंने कल्पना की थी। 

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