अब स्टूडेंट्स की तरह एग्जाम देगें शिक्षक

बीबीसीखबर, मध्य प्रदेशUpdated 26-05-2019
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 बीबीसी खबर; भोपाल

10वीं-12वीं की परीक्षा में जिन सरकारी स्कूलों का रिजल्ट खराब रहा है, उनके शिक्षकों को अब स्टूडेंट्स की तरह एग्जाम देना हाेगा। प्रदेश के एेसे 700 स्कूलों के करीब 3.5 हजार शिक्षकों काे विषयवार परीक्षा के इस दाैर से गुजरना हाेगा। 12 जून काे जिला स्तर पर इनकी एक साथ परीक्षा होगी।

विद्यार्थियों काे दिए गए पिछले चार साल के प्रश्न-पत्राें में से काेई एक पेपर इन्हें हल करना हाेगा। मूल्यांकन के बाद इन्हें ए, बी, सी, डी ग्रेड दिए जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने अधिकारियों काे इसके निर्देश दिए हैं। 

 

पिछले चार साल के पेपर में से कोई एक करना हाेगा हल यह निर्णय 10वीं-12वीं की 2018-19 में हुई परीक्षा के नतीजों का विश्लेषण करने के बाद लिया गया है। 30 फीसदी व उससे कम रिजल्ट देने वाले स्कूलों के शिक्षक इस दायरे में हैं। विभाग यह कवायद रिजल्ट सुधारने के लिए कर रहा है। इसके लिए प्रमुख सचिव जिला एवं संभागीय अधिकारियों की लगातार बैठक ले रही हैं।


परीक्षा के लिए विभाग ने हर जिले में एक कमेटी भी बनाई है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट के प्रिंसिपल, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान परियोजना समन्वयक एवं एक्सीलेंस स्कूल के प्राचार्य शामिल हाेंगे। 

हर विषय के विशेषज्ञ एवं बाेर्ड परीक्षाओं के हेड वेल्यूअर इनकी कापी जांचेंगे। मूल्यांकन के बाद इन्हें ए, बी, सी, डी ग्रेड दिए जाएंगे। 30 मई काे हाेने वाली बैठक में ग्रेडिंग के अाधार पर इनके खिलाफ कार्रवाई तय करने का मसाैदा तैयार किया जाएगा।  

 विभागीय निर्देशानुसार परीक्षा का खाका तैयार किया जाएगा। हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलाें के विषयवार पेपर हाेंगे। इसके बाद ग्रेडिंग के अाधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

 

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