इमरान का अमेरिका में भाषण के दौरान हुई फजीहत

बीबीसीखबर, अमेरिकाUpdated 22-07-2019
इमरान

 बीबीसी खबर

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पीएम बनने के बाद अपने पहले अमेरिकी दौरे पर हैं। इमरान वाशिंगटन डीसी में एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे। तभी कुछ बलूच के कार्यकर्ताओं ने खान के भाषण के दौरान हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने इमरान के भाषण के दौरान बलूचिस्तान की आजादी के नारे भी लगाए। इसपर सुरक्षाबलों ने उन्हें बाहर कर दिया।

पाक प्रधानमंत्री इमरान जब अपना भाषण दे रहे थे उसी दौरान बलूच कार्यकर्ता पाक सरकार द्वारा बलूचिस्तान में बलूच लोगों के साथ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद करने लगे। इसके बाद उन्होंने पाक सरकार और पीएम इमरान के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा बलूचों पर किए जा रहे कथित अत्याचार, उनकी अकारण गुमशुदगी और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ अमेरिका में रह रहे बलूच लगातार आवाज उठाते रहे हैं।

पिछले दो दिनों से वे मोबाइल बिलबोर्ड अभियान चला कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पाकिस्तान में बलूचों को गुप्त तरीके से अगवा किए जाने की घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद करने की अपील कर रहे हैं। खान के मंच से काफी दूर खड़े होकर तीन बलूच युवा नारे लगा रहे थे। हालांकि खान ने बिना रूके अपना भाषण जारी रखा। करीब ढाई मिनट के बाद स्थानीय सुरक्षा कर्मियों ने तीनों को सभागार से जाने को कहा। 

इमरान खान के कुछ समर्थकों को उन्हें पीछे की ओर धकेलते हुए और स्टेडियम से बाहर जाने के लिए कहते हुए देखा गया।

अपने भाषण में इमरान खान ने कहा कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को किसी भी तरह की सुविधा नहीं दी जाएगी। उन्हें एक अपराधी की तरह ही वहां रहना होगा। नवाज को जेल में घर का खाना, एयर कंडीशनर और अन्य सुविधाएं दिए जाने की खबरों पर इमरान ने कहा कि नवाज जेल में घर का खाना चाहते हैं। 

इमरान ने कहा, वो एयर कंडीशनर में रहना चाहते हैं। लेकिन हमारे मुल्क में आधी आबादी के पास टीवी या एयर कंडीशनर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। अगर यह सब उन्हें दे दिया गया तो यह किस तरह की सजा होगी? पाकिस्तान लौटकर मैं इस बात की जांच करूंगा कि नवाज को किसी तरह की कोई सुविधाएं न मिलें। 

मैं जानता हूं कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की नेता और नवाज की बेटी मरियम इसके खिलाफ आवाज उठाएंगी। मैं उनसे यही कहना चाहता हूं कि देश से लूटा गया पैसा लौटाएं। बस यही एक तरीका है।

बता दें कि इससे पहले शनिवार शाम को इमरान खान के अमेरिका पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर उनकी अगवानी के लिए अमेरिकी प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा। पीएम इमरान खान को मेट्रो में बैठकर होटल जाना पड़ा।

खुद पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अमेरिका में रहने वाले कुछ पाकिस्तानी लोगों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे। पाक प्रधानमंत्री के तौर पर इससे पहले अक्टूबर 2015 में नवाज शरीफ ने अमेरिका की आधिकारिक यात्रा की थी।

क्रिकेटर से राजनेता बने 66 वर्षीय इमरान खान देश के पीएम होने के बावजूद किसी चार्टर्ड विमान से न जाकर कतर एयरवेज की फ्लाइट से अमेरिका पहुंचे। जिसका प्रमुख कारण पाक का आर्थिक संकट बताया जा रहा है।

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