महिलाओं में कमर दर्द की शिकायत आम बात है, इसे नजरअंदाज न करे

बीबीसीखबर, फिटनेसUpdated 06-08-2019
महिलाओं

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महिलाओं में कमर दर्द की शिकायत आम बात है। वहीं, कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं। इसे नजरअंदाज करने से समस्या गंभीर हो सकती है। लेकिन, पौष्टिक भोजन और नियमित व्यायाम को अपना लें तो कमर दर्द की शिकायत दूर की जा सकती है।

गर्भावस्था या उसके बाद महिलाओं को कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण गलत तरीके से बैठना और सोना है। वहीं, लंबे समय तक सही तरीके से न बैठकर बच्चे को दूध पिलाने से भी समस्या हो सकती है। साथ ही शारीरिक कमजोरी भी एक कारण हो सकता है। इसलिए महिलाओं को इस दौरान सही ढंग से बैठने का ध्यान रखना चाहिए। वहीं, आजकल बाहरी खानपान का चलन बढ़ गया है। इससे वजन बढ़ सकता है। 

वजन बढ़ने से शरीर का सारा भार रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है, जो मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव डालकर जोड़ों में खिंचाव पैदा करता है। परिणाम स्वरूप कमर दर्द की शिकायत होने लगती है। महिलाओं में पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) यानि प्रजनन अंगों का संक्रमण होने से भी कमर में दर्द हो सकता है। महिलाओं की आहार शैली अनियमित होने से उन्हें कमर दर्द होना आम बात है। उनके खाने में जरूरी पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, विटामिन डी, आयरन आदि की कमी से शरीर में कमजोरी आ जाती है। वहीं, अनियमित मासिक धर्म की वजह से भी कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। कई बार अधिक खून बहने से कमर दर्द होती है। अगर लंबे समय तक ऐसा हो रहा है तो एक बार डॉक्टर को जरूर दिखा लें। विटामिन डी कमी से भी कमर दर्द की शिकायत हो सकती है।

हाई हील्स या स्टिलेटोज की महिलाएं दीवानी हैं। स्टाइलिश लुक देने वाली हील्स को पहनकर क्या एहसास होता है, ये आप अच्छे से जानती होंगी। हाई हील्स पहनने से कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। साथ ही पैर में दर्द और सूजन भी रहती है। इसमें अर्थराइटिस होने का खतरा रहता है। हील्स पहनने से आपकी रीढ़ की हड्डी पर बुरा असर पड़ता है। तो कुल मिलाकर आपकी हड्डियों को हील्स से बहुत नुकसान है। 

जब रीढ़ या स्पाइन सही अवस्था में नहीं रहती तो पीठ की मांसपेशियां, लिगमेंट्स और डिस्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। मजबूत मांसपेशियां रीढ़ को उचित सीध में रखती हैं और पीठ दर्द से बचाती हैं। रीढ़ के किसी भी हिस्से पर दबाव पडऩे से पीठ में दर्द हो सकता है। यह दर्द गर्दन से लेकर कमर के निचले हिस्से तक हो सकता है। 

रीढ़ कि हड्डी में दर्द होने के कई कारण हैं। खराब जीवनशैली, उठने-बैठने का गलत पोस्चर, उम्र बढ़ना और आनुवंशिक कारण। सिर्फ पीठ का दर्द ही नहीं बल्कि स्लिप डिस्क जैसी समस्याएं भी होती हैं। स्टडी के मुताबिक, ऑफिस में एक ही अवस्था में गलत पोस्चर में ज्यादा समय तक बैठने से पीठ, कमर या गर्दन के दर्द से जूझना पड़ सकता है। गलत कुर्सी, टाइपिंग की गलत टेक्नीक, मॉनिटर की पॉजीशन ठीक न होने, ठीक ढंग से खड़े न होने या बैठने से भी पीठ का दर्द हो सकता है। 

 नियमित रूप से व्यायाम करें।
- खानपान पर ध्यान दें, खाने में हरी सब्जियां और दूध जरूर लें।

- गर्भावस्था के दौरान विशेष ध्यान दें।

- बैठने और सोने के तरीके पर ध्यान दें।

- पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) महिलाओं के प्रजनन अंगों का संक्रमण। इस दौरान डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

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