दो महिलाओं ने हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी के आरोप में गिरफ्तार

बीबीसीखबर, दिल्लीUpdated 14-08-2019
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कॉल सेंटर में काम करने के अनुभव का इस्तेमाल कर दो महिलाओं ने हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 300 से अधिक लोगों से 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। साइबर सेल ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से छह कंप्यूटर, 13 मोबाइल, 11 एटीएम कार्ड, पासबुक और पैन ड्राइव सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए। आरोपियों की पहचान मंगोलपुरी निवासी 33 वर्षीय सुमन लता और राजनगर, पालम निवासी ज्योति के तौर (34) के रूप में हुई। दोनों शादीशुदा हैं और इनमें से एक ने स्नातक की है तो दूसरी ने अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रखी है। दोनों पहले कॉल सेंटर में काम कर रही थी। तनख्वाह कम मिलने से नाखुश महिलाएं ठगी के धंधे में उतर गई।

पुलिस के अनुसार, शिबू अपने परिवार के साथ वेस्ट सागरपुर में रह रहा है। उनके एक भाई की दोनों किडनी खराब थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए शिबू पर लगातार खर्च का दबाव बढ़ रहा था। भाई की बीमारी से उसकी परेशानी और भी अधिक बढ़ गई थी। शिबू को कुछ दिन पहले एक महिला ने कॉल कर इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी दी। आरोपी महिला ने अपना नाम प्रिया बताते हुए पैरामाउंट मैक्स हेल्थकेयर की एजेंट के तौर पर अपनी पहचान बताई।

मैक्स सिल्वर प्लस पॉलिसी ऑफर करते हुए 25 हजार रुपये का भुगतान करने को कहा। भाई की बीमारी का कवर होने की वजह से शिबू इस ऑफर के लिए तैयार हो गए और तय राशि का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। इसके एवज में शिबू को एक पत्र भी मिला, जिसके तहत सप्ताह में तीन ओपीडी बिलों के भुगतान का वादा किया गया। जरूरत के वक्त जब इसका फायदा नहीं मिला तो शिबू ने एजेंट को फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद होने की वजह से संपर्क नहीं हो सका।

शिबू की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच साइबर सेल और स्थानीय पुलिस को सौंप दी। जांच में इसका खुलासा हुआ कि इंश्योरेंस के नाम पर ठगी का यह धंधा विकासपुरी के शंकर गार्डन में लंबे समय से चल रहा था। पुलिस ने ऑफिस में छापामारी कर दोनों महिला एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। 

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