चीन के कोरोनावायरस ने भारत, अमेरिका सहित एक दर्जन देशों को अपनी चपेट में लिया

बीबीसीखबर, स्पॉटलाइटUpdated 29-01-2020
चीन

 बीबीसी खबर

 

चीन के कोरोनावायरस भारत, अमेरिका सहित एक दर्जन देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। दुनिया के सभी देश इससे निपटने की कोशिश में लगे हुए हैं। भारत में भी कई राज्यों में कोरोनावायरस के कुछ संदिग्ध मामले सामने आए हैं। मुंबई, राजस्थान, मोहालीबिहारदिल्ली के बाद अब मध्यप्रदेश संदिग्ध मरीजों की पहचान हुई है।

हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी तक के कोरोनावायरस के संदिग्धों के सैंपल के 20 नमूनों को पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में परीक्षण के लिए भेजा गया है। जिनमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। 

उज्जैन में कोरोनावायरस के दो संदिग्ध मरीज मिलने के बाद राज्य के लोक स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अपने विभाग के अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं तीन संदिग्ध मरीज को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल (आरएमएल) लाया गया है। कोरोनावायरस के मरीजों के लिए आरएमएल प्रधान सेंटर होगा, वहां मरीजों के इलाज की तैयारी पूरी कर ली गई है।

मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में कोरोनावायरस संक्रमण के दो संदिग्ध मरीज मिलने के बाद राज्य के लोक स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मंगलवार को अपने विभाग के अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए। इन मरीजों में चीन से पखवाड़े भर पहले भारत लौटा मेडिकल विद्यार्थी और उसकी उज्जैन में रहने वाली मां शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोरोनावायरस के संदिग्ध संक्रमण प्रभावित युवक और उसकी मां को उज्जैन के माधव नगर शासकीय अस्पताल के अलग वॉर्ड में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उन्होंने बताया कि युवक चीन के उस वुहान शहर के एक चिकित्सा महाविद्यालय में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है जो कोरोना वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित है। उन्होंने बताया कि मां-बेटे के रक्त के नमूनों को कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच के लिये पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया है।

आरएमएल अस्पताल में तीन संदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि तीनों मरीजों को पिछले कुछ दिनों में चीन से भारत आए हैं और तीनों मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे है। 

डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ मिनाक्षी भारद्वाज ने बताया कि अस्पताल में कोरोनोवायरस के तीन संदिग्ध मामले सामने आए हैं। रोगियों को आगे के उपचार के लिए अलग-थलग रखा गया है।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरएमएल में आइसोलेशन वॉर्ड बनाया गया, जहां पर आठ बेड रिजर्व रखे गए हैं। सोमवार को अस्पताल में इलाज की तैयारी को लेकर नैशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की टीम ने दौरा किया। वहीं, एम्स में भी आइसोलेशन वॉर्ड बनाया गया है।

आरएमएल अस्पताल के वॉर्ड पांच को कोरोनावायरस के लिए रिजर्व आइसोलेशन वॉर्ड के तौर पर तैयार किया गया है। यहां पर दो क्यूबिकल हैं, जिसमें चार-चार बेड हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस वायरस के जो मरीज आ रहे हैं, उनके खून की जांच पुणें में हो रही है। 

अधिकारी के अनुसार एयरपोर्ट पर भी आरमएएल अस्पताल के डॉक्टरों की टीम चीन से आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही है। अच्छी बात यह है कि अभी तक इस वायरस का कोई पॉजिटिव केस भारत में नहीं आया चीन से हाल में वापस लौटे, मोहाली के 28 वर्षीय एक व्यक्ति में कोरोना वायरस के संक्रमण जैसे लक्षण नजर आने के बाद, उसे यहां पीजीआईएमईआर के अलग वार्ड में भर्ती करवाया गया है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में यह कोरोना वायरस का पहला संदिग्ध मामला है। पंजाब के मोहाली में रह रहा व्यक्ति मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पिछले ही हफ्ते वह चीन से लौटा था।


बिहार के छपरा में एक लड़की के कोरोनावायरस की चपेट में होने की आशंका के चलते सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां से आज उसे पीएमसीएच लाया जा रहा है। लड़की चीन से पढ़ाई करके लौटी है। पटना के सिविल सर्जन डॉक्टर विनय कुमार यादव ने बताया कि चीन में न्यूरो साइंस में पीएचडी करने वाली छात्रा 22 जनवरी को छपरा लौटी थी। तबीयत खराब होने पर उसे आइसोलेटिड वार्ड में भर्ती कराया गया। छपरा में इस वायरस की जांच की व्यवस्था नहीं है इसलिए अब उसे पटना लाया जा रहा है।

वहीं राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने रविवार बताया कि एक छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि चीन में एमबीबीएस कोर्स पूरा करने के बाद भारत लौटे एक डॉक्टर को कोरोनोवायरस से प्रभावित होने के संदेह में यहां एसएमएस अस्पताल में रखा गया था। मंत्री ने कहा कि सभी परिजनों की स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। मरीज के रक्त का सैंपल पुणे स्थित नेशनल वायरोलॉजी लैब में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के चार जिलों के कुल 18 लोग चीन से भारत वापस लौटे हैं। संबंधित जिला प्रमुखों और स्वास्थ्य अधिकारियों को उनकी 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं कोरोनावायरस के संक्रमण के संदेह में 36 वर्षीय एक व्यक्ति को मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में अलग वार्ड में भर्ती करवाया गया है। यह मुंबई में इस तरह का चौथा मामला है। दक्षिण मुंबई के ताड़देव निवासी व्यक्ति को कस्तूरबा अस्पताल में निगरानी में रखा गया है।
 

हैदराबाद में सरकारी अस्पताल में कोरोनावायरस के संक्रमण के संदेह पर चीन आने वाले चार लोगों को निगरानी में रखा गया है। डॉ. शंकर ने बताया कि हमने उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा है। बुखार, गले में दर्द या सांस लेने में समस्या जैसे कोई लक्षण नहीं पाए गए 

 

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