जीव ध्यान के माध्यम से श्री राम को हृदय में बसा सकतेहैं

बीबीसीखबर, कानपुरUpdated 07-02-2020
जीव

बीबीसी खबर कानपुर                                                                                      कानपुर नगर के गौशाला के पास साई मंदिर  के पार्क में  चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन कथा ऋषि पंडित उमा शंकर व्यास जी ने कहा कि सुबैल शैल पर भगवान श्री राम की सुंदर झांकी पर कोई भी मनुष्य नहीं है केवल बंदर हैं और राक्षस कुल के विभीषण हैं यदि लक्ष्मण है तो दूर बैठे हैं विराट अन पर | गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं जब इस झांकी पर वानर धन्य हो रहे हैं तुम मनुष्य धन्य क्यों नहीं हो सकते मात्र इस झांकी का ध्यान मात्र कर लेने से धन्य हो सकते हैं |                                                                किसी महापुरुष की साधना के परिणाम का फल है  अयोध्या में मनु शतरूपा की साधना, जनकपुर में ज्ञानी जनक की साधना , चित्रकूट  की झांकी ऋषियों की साधना व तपस्या का परिणाम है परंतु लंका में भगवान स्वयं अपनी कृपा से ही आए थे| मानस मर्मज्ञ पंडित उमाशंकर व्यास जी कहते हैं जीव बस ध्यान के माध्यम से श्री राम को हृदय में बसा सकते हैं|

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