विभीषण जैसा सलाहकार होना चाहिए जिसकी कथनी करनी एक जैसी हो

बीबीसीखबर, धर्मUpdated 09-02-2020
विभीषण

 बीबीसी खबर कानपुर

कानपुर के गौशाला में स्थित साईं धाम मंदिर में चल रही श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिवस की कथा में मानस मर्मज्ञ कथा ऋषि पंडित उमाशंकर व्यास जी ने बताया कि श्री राम भगवान ने विभीषण को अपने अत्यंत निकट बैठाकर कान में मंत्रणा देने के संदेश में स्पष्ट किया कि वस्तुतः सलाहकार भीतर बाहर एक जैसा होना चाहिए यदि सामने मीठी बात करने वाला और पीठ पीछे बुराई करने वाला सलाहकार होगा तो निश्चित ही हानि होगी। धोखा खाना पड़ेगा तो ऐसे को कुमित्र का परित्याग ही ठीक है।

 

विभीषण जैसा सलाहकार जिसकी कथनी करनी एक जैसी हो इसका सर्वोत्तम उदाहरण देते हुए कथा ऋषि पंडित उमाशंकर व्यास जी कहते हैं कि रावण के दो छोटे भाई थे कुंभकरण और विभीषण परंतु दोनों की सलाह में रावण अंतर पाता था। परंतु रावण भली भांति जानता था कि कुंभकरण कुछ भी कहे पर रहेगा मेरी तरफ परंतु विभीषण के संदर्भ में उसे पता है की विभीषण जो सलाह दे रहा है उस पर चलकर वह दिखाएगा। विभीषण की सलाह शस्त्र के अनुकूल है इसलिए प्रभु ने विभीषण को मित्र मानकर उपयुक्त सलाहकार की संज्ञा दी।

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