फर्जी एल०आई०यू अधिकारी बनकर पासपोर्ट बनवाने के नाम से पैसा लेने वाला अपराधी गिरफ्तार

बीबीसीखबर, फतेहपुरUpdated 10-02-2020
फर्जी

 बीबीसी खबर

उत्तर प्रदेश जनपद फतेहपुर, पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाए जाने के क्रम में आज पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया जो कि फर्जी एल०आई०यू अधिकारी बनकर जनता से पासपोर्ट बनवाने के नाम पर पैसा लिया करते थे आवेदक ,सूरज पुत्र जसवंत ग्राम खेसहन थाना गाजीपुर ने शिकायती पत्र दिया था कि उसको पासपोर्ट बनवाने के नाम पर पैसे मांगने व गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी गई थी जिस पर स्थानीय थाना पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आज 9 फरवरी को जोनिहां चौराहे के पास से अमित पटेल पुत्र बच्छराज निवासी मुचवापुर थाना कोतवाली व राजेश कुमार पुत्र बराती लाल निवासी खरगसेनपुर थाना मलवां को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्त अमित पटेल के पास से 56 पासपोर्ट व अभियुक्त राजेश के पास से 19 पासपोर्ट बरामद हुए पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजा गया मगर सवाल यह है कि इतने सारे पासपोर्ट आए कहाँ से और कैसे बन गए इससे लगता है कि एल०आई०यू  के कर्मचारियों की मिली भगत से काम किया जा रहा था और चर्चा है कि इन दोनों के अलावा और भी कोई हैं इनके साथ में क्योंकि एल०आई०यू कार्यालय से पासपोर्ट की  जांच के कागज कौन लीक करता था यह भी एक बड़ा सवाल है।

 

डी०आई०जी इलाहाबाद माननीय कवींद्र प्रताप सिंह जी ने भले ही सभी मातहतों को पासपोर्ट वेरिफिकेशन को लेकर पासपोर्ट आवेदक को थाने न बुलाने को लेकर सख्त रुख अपनाया हो लेकिन उसके बावजूद थानों के खर्चे पूरे नहीं हो पा रहे जिसकी वजह से आज भी लगातार फतेहपुर जनपद के समस्त थानों में पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम 15,00 रुपये का शुल्क थाना प्रभारियों द्वारा निर्धारित रखा गया है जिसकी वसूली पासपोर्ट जांचकर्ता करने वाले से या फिर थाने के किसी सिपाही से पासपोर्ट आवेदक को थानों के कोने कतरों में बुलाकर उन्हें पासपोर्ट में लाल कलम चला देने,पासपोर्ट जांच न भेजने,पासपोर्ट कभी न बनने देने की जैसी धमकी देकर मोटी रकम भी वसूलते हैं ऐसा ही ताजा मामला अभी कुछ दिनों पहले बिंदकी थाने में भी देखने को मिला जहाँ के पासपोर्ट जांचकर्ता दीवान जी ( मिश्रा जी ) ने भी एक पासपोर्ट आवेदनकर्ता से पासपोर्ट जांच के नाम पर धमकी दिखाकर 1,000 रुपये की वसूली भी करी जब सिस्टम के लोग ही वसूली करेंगे तो इसका फायदा बाहरियों का उठाना स्वाभाविक है इससे ये साफ स्पष्ट होता है कि एल०आई०यू जाँच के लिए ऐसे लोगों की भर्ती खुद पुलिस के संरक्षण में की जाती है वर्ना उन्हें इस बात की जानकारी कैसे होती है कि फलां शख्स ने पासपोर्ट आवेदन किया है।

 

उसका पासपोर्ट पुलिस वेरिफिकेशन के लिए आया है आवेदक व उसके पिता और उसके पते सहित का पूर्ण विवरण उसे कैसे पता चलता है जबकि एल०आई०यू की किसी भी तरह की जाँच का कोई अवचित ही नहीं जिसे काफी दिनों पहले बन्द किया जा चुका है जब तक कोतवाली ,चौकी में पासपोर्ट की जांच  में सुविधा शुल्क बन्द नही होगा यह ऐसे ही चलता रहेगा गिरफ्तार करने वाली टीम में  प्रमुख रूप से उपनिरीक्षक सत्यपाल सिंह  विपिन कुमार यादव अनिरुद्ध कुमार द्विवेदी तथा कांस्टेबल अशोक सरोज नारायण सिंह तथा महिला कांस्टेबल संगीता जूरैल प्रमुख रूप से रहे !

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