ट्रंप अपनी पत्नी के साथ 24 फरवरी को भारत आएंगे

बीबीसीखबर, स्पॉटलाइटUpdated 12-02-2020
ट्रंप

 बीबीसी खबर

पीएम नरेंद्र मोदी के न्योते पर राष्ट्रपति ट्रंप पत्नी के साथ 24 फरवरी को भारत आएंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, यह ट्रंप का पहला भारत दौरा है। यह दौरा दोनों नेताओं को द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करने और हमारी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर देगा।

मंत्रालय ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी विश्वास, साझा मूल्यों, आपसी सम्मान एवं समझपर आधारित है। मोदी और ट्रंप के नेतृत्व में ये संबंध और मजबूत हुए हैं। उनके नेतृत्व में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, क्षेत्रीय एवं वैश्विक और आतंकरोधी मामलों पर तालमेल बढ़ा है और लोगों के बीच आपसी संबंध  मजबूत हुए हैं।

भारत ने पिछले साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने के लिए ट्रंप को आमंत्रित किया था लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति व्यस्त होने के कारण समारोह में नहीं आ पाए थे। ट्रंप से पहले उनके पूर्ववर्ती अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी दो बार 2010 और 2015 में भारत दौरे पर आए थे। 2015 में ओबामा गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनकर आए थे। उस दौरान भारत-अमेरिका के बीच कई अहम कारोबारी समझौते हुए थे।

मोदी ने बीते साल सितंबर में अमेरिका का दौरा किया था। जहां उन्होंने ह्यूस्टन में 50 हजार लोगों की एक बड़ी रैली हाउडी मोदीको संबोधित किया था। इसकी मेजबानी पीएम मोदी ने की थी। इस दौरान ट्रंप और पीएम मोदी के साथ मंच साझा किया था। पीएम मोदी ने ट्रंप को भारत आने के लिए आमंत्रित किया था। मोदी ने कहा था कि उनका भारत दौरा दोनों देशों के साझा सपनों को एक नई ऊंचाई देगा।  

इंडियास्पोरा के प्रमुख एमआर रंगास्वामी ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार के मुद्दों को हल करने और अमेरिका भारत के बीच सहयोग को बढ़ाने के मकसद से अमेरिकी राष्ट्रपति सही समय पर भारत आ रहे हैं। वहीं, यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम के अध्यक्ष, मुकेश अघी ने इस यात्रा के बारे में कहा कि पिछले तीन अमेरिकी राष्ट्रपति भारत की यात्रा कर चुके हैं। क्षेत्र में यह संदेश देना जरूरी है कि भारत एक महत्वपूर्ण साझीदार है और राष्ट्रपति इसकी कद्र करते हैं।

मोदी और ट्रंप की इससे पहले मुलाकात बीते अगस्त में उस समय हुई थी, जब फ्रांसीसी शहर बियारित्ज में जी-7 की बैठक हो रही थी। पीएम मोदी ने ट्रंप की मौजूदगी में ही साफ तौर पर कश्मीर मसले पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता करने से इनकार कर करते हुए कहा था कि भारत-पाकिस्तान सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत से ही इसे सुलझा सकते हैं।  

 

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