बिना परीक्षा के 8वीं कक्षा के बच्चे होंगे पास

बीबीसीखबर, करनालUpdated 06-04-2020
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कोरोना महामारी ने छात्र- छात्राओं ने लिए संकट पैदा कर दिया था। हालांकि संकट की इस घड़ी में हरियाणा सरकार ने कहा कि पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में एडमिशन किया जाएगा। नौवीं के छात्रों की परीक्षा हो चुकी है, इनका रिजल्ट अगले सप्ताह तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद उन्हें अगली कक्षा में दाखिला दे दिया जाएगा।

 बता दें कि केंद्र सरकार के लॉकडाउन के आदेश के बाद दसवीं कक्षा की सिर्फ विज्ञान विषय की परीक्षा रह गई है। इसके बिना इस परीक्षा रिजल्ट घोषित किया जाएगा। बाकि विषयों के प्रतिशत के आधार पर 11वीं में दाखिला दे देंगे। 11वीं कक्षा की गणित विषय की परीक्षा बाकी है, अन्य विषय का रिजल्ट घोषित किया जाएगा। उसके आधार पर 12वीं में दाखिला दे देंगे। विज्ञान व गणित की परीक्षा उचित समय पर लेकर दोनों विषयों का रिजल्ट विद्यार्थियों के कुल अंक में जोड़ देंगे। 12वीं कक्षा को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। एनसीईआरटी के निर्णय का इंतजार है। उसके आधार पर आगे बढ़ेंगे।

सरकार ने कोरोना रिलीफ फंड को अधिसूचित करते हुए रखरखाव के लिए 7 सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद वित्त विभाग ने अधिसूचना जारी की है। सीएम कमेटी के चेयरमैन हैं, जबकि 6 सदस्यों में वित्त मंत्री, मुख्य सचिव, वित्त विभाग के एसीएस, राजस्व विभाग के एसीएस, सीएम के प्रधान सचिव व वित्त विभाग के विशेष सचिव बतौर सदस्य सचिव के तौर पर शामिल हैं।

हरियाणा श्रम विभाग की विशेष टीमें श्रमिकों के हित में कार्य के लिए जुटी हुई हैं। लगभग सवा लाख औद्योगिक इकाइयों में 27 लाख के करीब श्रमिक काम कर रहे हैं जिनमें से लगभग 7 लाख अनुबंध पर हैं। राज्य सरकार के निर्देश पर इनमें से लगभग ढाई लाख श्रमिकों को मार्च माह का वेतन उनके खाते में दिया जा चुका है और बाकी को भी 7 अप्रैल तक वेतन दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य के उद्यमियों ने अब तक पूरा सहयोग दिया है और न के बराबर श्रमिकों की सेवाएं बंद की हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित राहत शिविरों में लगभग 16 हजार श्रमिक रह रहे हैं और वहां उनके भोजन आदि की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार के निर्देशानुसार कारखानों में रात्रि ठहराव की व्यवस्था भी की गई है जिनमें लगभग 22 हजार श्रमिक रह रहे हैं।

इन सभी के लिए वहां भोजन आदि की व्यवस्था भी संचालित की जा रही है। अपने घरों में रह रहे कुछ श्रमिक भी राहत शिविरों से भोजन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने ये भी बताया कि राज्य में विभिन्न निर्माण स्थानों यानी कंसट्रक्शन साइट पर लगभग 30 हजार श्रमिक रह रहे हैं और उनके लिए वहीं पर खाना आदि की व्यवस्था की है। सरकार सरकारी डिपो के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक खाद्य वस्तुएं मुफ्त उपलब्ध करवाने जा रही है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि बीपीएल, एपीएल, ओपीएच और एएवाई परिवारों को राशन देना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही राज्य के लगभग 3 लाख 10 हजार पंजीकृत श्रमिकों के खाते में 1000 रुपये राहत राशि की दूसरी किस्त सोमवार 6 अप्रैल को जमा करवा दी जाएगी।

1000 रुपये की राहत राशि की पहली किस्त इन श्रमिकों के खातों में बीते सप्ताह ही जमा करवा दी गई थी। बीपीएल और एएवाई परिवारों को 10 किलो आटा या गेहूं, 1 किलो दाल, 1 किलो चीनी और 2 लीटर वनस्पति तेल दिया जाएगा, जबकि एपीएल और ओपीएच परिवारों को 1 किलो गेहूं या आटा, 1 किलो चीनी और 1 लीटर वनस्पति तेल  दिया जाएगा। इसकी अगली सप्लाई सभी परिवारों को 15 अप्रैल के आसपास की जाएगी। सरकार के पास आवश्यक वस्तुओं की तीन महीने तक की सप्लाई के लायक भंडार हैं और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

हरियाणा में कोरोना को मात देने के लिए जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने जिला उपायुक्तों को अपने-अपने जिले में कोविड-19 के प्रकोप को रोकने के लिए माइक्रो योजनाएं तैयार कर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य हर स्तर पर इस बीमारी के फैलने से रोकना है। इसके अलावा श्वास संबंधी रोगियों की विशेष देखभाल की जाएगी। उन्हें अगर दिक्कत है तो अस्पताल में भर्ती करवाकर उपचार सुनिश्चित कराना होगा। मुख्य सचिव रविवार को संकट समन्वय समिति की बैठक ले रही थीं। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों सहित कोविड-19 के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को अनेक निर्देश दिए। अरोड़ा ने कहा कि राज्य की दो सरकारी परीक्षण प्रयोगशालाओं के अलावा गुरुग्राम की पांच अन्य निजी परीक्षण प्रयोगशालाओं को भी अधिकृत किया गया है, ताकि मरीजों के सैंपल की जांच की जा सके।

उन्होंने सभी उपायुक्तों को कहा कि इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ने इन पांच निजी परीक्षण प्रयोगशालाओं को टेस्टिंग के लिए अधिकृत किया है। इन प्रयोगशालाओं के लिए हर जिले में कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं, जहां से सैंपल को इन प्रयोगशालाओं में लाया जा सकता है। डाटा इत्यादि की निगरानी के लिए एक सुपरवाइजर अधिकारी भी तैनात किया जाए, ताकि सहीं आंकड़े एकत्रित हो सकें।

सरकार ने अतिरिक्त थर्मल स्कैनर और पीपीई किट लेने के लिए आर्डर दे दिए हैं। वर्तमान में राज्य के अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट हैं। इसके अलावा, लगभग डेढ़ लाख एन-95 मास्क भी उपलब्ध हैं। स्मार्ट हेल्पलाइन भी उपयोग में लाई जाएं, ताकि लोगों को दिक्कत न हो। उन्होंने बताया कि पंचकूला के नागरिक अस्पताल, मुलाना के अस्पताल और अग्रोहा के 550 बिस्तर के अस्पताल को भी कोविड-19 अस्पताल बनाने पर सरकार विचार कर रही हैं।

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