कोरोना को हराकर काम पर लौटी स्टाफ नर्स, बोली- अपने फर्ज से पीछे नहीं हटूंगी

बीबीसीखबर, गुड़गांवUpdated 15-05-2020
कोरोना

  गुड़गांव।

 गुड़गांव की एक स्टाफ नर्स ने एक नई मिसाल पेश की है। कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करती हुई खुद कोरोना से पीड़ित हो गई। लगातार डॉक्टरों की देखरेख में अपना इलाज कराया। स्वस्थ्य होकर घर लौटी नर्स ने कहा अपने फर्ज से पीछे नहीं हटूंगी। मरीजों की दिन-रात सेवा करूंगी। यह गुड़गांव के सिविल अस्पताल में कोरोना को हराकर ड्यूटी पर लौटी स्टाफ नर्स पूनम का कहना है कि कोई बीमारी सेवा और काम के जज्बे को कम नहीं कर सकती। तभी वे ठीक होने के बाद क्वारैंटाइन पीरियड पूरा कर ड्यूटी पर पहुंची हैं। बता दें कि हरियाणा का गुड़गांव जिला सबसे ज्यादा कोरोनाग्रस्त जिलों में से एक है। जहां अस्पताल में काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर स्टाफ नर्स, डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ तक संक्रमित हो चुकी हैं। 

वर्ष 2006 में गुड़गांव से नर्सिंग कोर्स किया और वर्ष 2008 में हरियाणा में सरकारी नौकरी मिली। तभी से वे गुड़गांव के सिविल अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं। स्टाफ नर्स पूनम कहती हैं, 'कोई बीमारी हमारे सेवा के जज्बे को कम नहीं कर सकती। हमारा मनोबल नहीं गिरा सकती। बेशक कुछ समय के लिए कोरोना ने उन्हें प्रभावित किया, लेकिन उनका जज्बा कम नहीं हुआ। वे अब और अधिक जोश और जज्बे के साथ मरीजों की सेवा करेंगी। कोरोना से डरे नहीं, बल्कि सुरक्षित रहें, सावधान रहें। जो भी सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी की गई हैं, उनको फॉलो करें।'

उन्होंने कहा, 'देश के हेल्थ सेक्टर में बेहतरी के लिए स्टाफ नर्सों की कमी को पूरा किया जाना चाहिए। कोरोना से बचने के लिए तीन बातों का हमेशा पालन करें। पहली मास्क लगाना, दूसरी सोशल डिस्टेंस और तीसरी अच्छे से हाथ धोना। यह काम नियमित तौर पर हमें करने हैं।

पूनम कहती हैं, 'हेल्थ वर्कर्स, पुलिस कोरोना वॉरियर्स हैं। मुझे दुख है कि देश में कई जगह पर इन पर हमले किए गए। जो कि सही नहीं है। मेरा अनुरोध है कि ऐसा ना करें।' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि डब्लूएचओ भी इस बात को कह चुका है कि कोरोना इतनी आसानी से खत्म नहीं होगा। लंबे समय तक और हो सकता है जीवनभर ही हमें कोरोना के साथ जीना पड़े। इसलिए हमें खुद में कुछ बदलाव लाने होंगे।

 

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