कुख्यात गैंगस्टर विकाश दुबे की बातें सुनकर पुलिस भी रह गई थी हैरान

बीबीसीखबर, कानपुरUpdated 13-07-2020
कुख्यात

 बीबीसी खबर

कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद से ही कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे फरार चल रहा था। हर तरफ दबिश देने और सघन जांच के बाद उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया। हालांकि उसकी न्यायिक प्रक्रिया नहीं हो पाई, क्योंकि रास्ते में सड़क दुर्घटना का फायदा उठाकर भागने के प्रयास पर उसे पुलिस ने ढेर कर दिया।

एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि उज्जैन से गिरफ्तारी के बाद विकास दुबे को कानपुर लाया जा रहा था। इस दौरान रास्ते भर एसटीएफ की टीम उससे पूछताछ करती रही। इस दौरान विकास ने कई तरह की जानकारियां दीं जो पुलिस के लिए भी हैरान करने वाली हैं। 

पुलिस ने बताया कि विकास दुबे को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने का जरा भी पछतावा नहीं था। पूछताछ में उसने बताया था कि दो जुलाई की रात को उसे सीओ पर तो गुस्सा था ही, साथ ही अपने एनाउंटर का भी डर था। इन्हीं सब उथल-पुथल के बीच उसने ठान ली थी कि वह किसी भी हाल में गिरफ्तारी नहीं देगा। इसी के लिए उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार डाला।

एसटीएफ द्वारा पछतावे की बात पूछने पर उसने कहा कि अब जो हो गया सो हो गया। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक उसका व्यवहार और बातचीत किसी साइको किलर की तरह थी। सनक में उसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला था। एसटीएफ को उसने बताया था कि जब उसको थाने से सूचना मिली तो उसने मोर्चा लेने की ठान ली। 

उसके साथी अमर दुबे व अतुल समेत कई अन्य शराब के नशे में धुत थे। जब इन लोगों ने पुलिस पर हमला कर गोलियां चलाईं तो उन्हें खुद नहीं पता था कि वो कितनी गोलियां मार रहे हैं।

जब उससे सवाल किया गया कि उसने पुलिसकर्मियों को क्यों मार दिया तो उसने बोला कि मुझे लगा पुलिसवाले केवल घायल हुए होंगे। आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, ये टीवी पर खबर देखकर पता चला

एसटीएफ ने उससे पूछा कि वारदात के बाद बेखौफ होकर फरीदाबाद, जयपुर और उज्जैन में घूमता रहा तो डर नहीं लगा? इस पर विकास ने जवाब दिया कि मुझे अपना अंजाम पता था। इसलिए डर नहीं लग रहा था। 

उसने कहा कि मैंने सरेंडर कर जेल जाने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए मैंने कई वकीलों से संपर्क किया। पचास हजार रुपये एडवांस देने की बात भी हो गई थी। मगर उसके पहले ही वो गिरफ्तार हो गया और फिर मुठभेड़ में मार दिया गया।

 

 

Follow Us