गहलोत राज में पायलट को स्थान नहीं, डिप्टी-सीएम, प्रदेशाध्यक्ष का पद छीना

बीबीसीखबर, जयपुरUpdated 14-07-2020
गहलोत

 राजस्थान।

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जारी खींचतान के बीच पायलट को उपमुख्यमंत्री पद और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। साथ ही दो मंत्रियों को बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा भारतीय युवा कांग्रेस ने प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मुकेश भाकर को भी पद से हटा दिया है। भाकर ने पायलट को अपना समर्थन दिया था। 

 

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को जयपुर में संवाददाताओं को बताया कि पायलट के अलावा विश्वेंद्र सिंह को पयर्टन मंत्री और रमेश मीणा को खाद्य आपूर्ति मंत्री के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पायलट को पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है। उनकी जगह राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटसरा नए प्रदेशाध्यक्ष होंगे।

पिछले कुछ दिनों के कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा पायलट को मनाने की कोशिश की जा रही थी। सूत्रों ने बताया कि आज हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक (सीएलपी) में शामिल 108 विधायकों ने पायलट को पार्टी से बाहर करने पर हामी भरी। इसके बाद जाकर ही पार्टी ने पायलट को बाहर का रास्ता दिखाया है। 

 

बैठक से पहले राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा था, 'हम सचिन पायलट को दूसरा मौका दे रहे हैं, उनसे आज की विधायक दल की बैठक में भाग लेने के लिए कहा है। मुझे उम्मीद है कि आज सभी विधायक आएंगे और नेतृत्व को एकजुटता देंगे जिसके लिए राजस्थान के लोगों ने मतदान किया था। हम सभी राज्य के विकास के लिए काम करना चाहते हैं।

 

बता दें कि, सचिन पायलट के साथ 18 विधायक हैं। इनमें रमेश मीणा, विश्वेंद्र सिंह, दीपेंद्र सिंह, भंवरलाल शर्मा, राकेश पारीक, मुरारी लाल मीणा, जीआर खटाना, इंद्रराज गुर्जर और गजेंद्र सिंह शक्तावत शामिल हैं। इसके अलावा हरीश मीणा, बृजेंद्र ओला, हेमाराम चौधरी, पीआर मीणा, मुकेश भाकर, सुरेश मोदी, वेदप्रकाश सोलंकी, अमर सिंह जाटव और रामनिवास गवड़िया भी शामिल हैं। 

दूसरी तरफ, भारतीय युवा कांग्रेस ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत करने वाले सचिन पायलट के साथ जा चुके प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मुकेश भाकर को भी पद से हटा दिया और गणेश घोघरा को नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।

 

युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक युवा कांग्रेस ने कांग्रेस के आलाकमान के साथ बातचीत के बाद विधायक भाकर के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बनाया है और जल्द ही इसकी घोषणा की जा सकती है।

 

भाकर खुलकर पायलट के साथ खड़े हैं और सोमवार एवं मंगलवार को जयपुर में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठकों में शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधते हुए सोमवार को ट्वीट किया था कि हमें गहलोत की गुलामी मंजूर नहीं है। 

 

भाकर ने कहा था कि जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है, उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है। कांग्रेस में निष्ठा का मतलब है अशोक गहलोत की गुलामी। वो हमें मंजूर नहीं।

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