एक फोन कॉल से गहलोत ने चलाया 'जादू', पायलट के खेमे में डाल दी फूट

बीबीसीखबर, जयपुरUpdated 15-07-2020
एक

 जयपुर।

 राजस्थान में बीते चार दिनों से सियासी घमासान जारी है. 72 घंटे की कोशिशों के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) कांग्रेस आलाकमान का विश्वास जीतने में कामयाब रहे. पार्टी ने गहलोत की जादूगरी पर भरोसा जताते हुए बागी तेवर दिखा रहे सचिन पायलट (Sachin Pilot) को डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC) पद से हटाने पर हामी भर ही दी. पायलट के करीबी दो मंत्रियों को भी बर्खास्त कर दिया गया है. अब पायलट के अगले दांव पर सबकी नजर है, क्योंकि मैदान में अब बीजेपी ने भी सीधे तौर पर एंट्री कर ली है. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे आज बीजेपी विधायकों से मुलाकात करने वाली हैं. आइए जानते हैं कि अशोक गहलोत ने आखिर पायलट के पैंतरों का कैसे निकाला काट:-

अशोक गहलोत के बेहद करीबी और तीन बार विधायक रह चुके प्रद्युम्न सिंह की इन सबके पीछे अहम भूमिका है. सचिन खेमे में गए चार बागी विधायकों को समझा-बुझाकर वापस लाने के लिए वह शुक्रवार से ही दिल्ली में थे. इन चार विधायकों में प्रद्युम्न सिंह के बेटे रोहित बोहरा, कांग्रेस नेता दानिश अबरार, प्रशांत बैरवा, चेतन डूडी शामिल हैं, जो सचिन पायलट के बेहद करीबी माने जाते थे. अशोक गहलोत शनिवार को किसी तरह रोहित बोहरा से फोन पर संपर्क करने में कामयाब हुए. बोहरा के जरिए ही वो बाकी तीनों विधायकों से बात कर पाए.

Follow Us