बंगबंधु के जन्शताब्दी समारोह के अवसर पर बांग्लादेश में पद्म भूषण पंडित अजय चक्रवर्ती करेंगे परफॉर्म

बीबीसीखबर, दिल्लीUpdated 26-03-2021
बंगबंधु

 25 मार्च, नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बांग्लादेश की आजादी के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने के लिए 26 मार्च को बांग्लादेश जा रहे हैं। इस अवसर पर बांग्लादेश कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है, जिसमें सबसे प्रमुख कार्यक्रम बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान का जन्म शताब्दी समारोह यानी 'मुजीब दिवस' है। इस अवसर पर पद्म भूषण से सम्मानित और जाने-माने गायक पंडित अजय चक्रवर्ती (बांग्ला में अजॉय चक्रबर्ती) दोनों देशों के प्रधानमंत्री के सामने अपनी नई रचना राग ''मैत्री'' की परफार्मेंस देंगे।

 

इस कार्यक्रम की खास बात यह होगी कि पंडित अजय चक्रवर्ती तीन भाषाओं हिन्दी, संस्कृत और बांग्ला में लिखे गीतों पर अपनी प्रस्तुति देंगे, जो उनके नए राग ''मैत्री'' पर आधारित होंगे। संस्कृत भाषा के गीत की रचना दार्शनिक अरिंदम चक्रवर्ती ने की है। हिंदी गीत के रचनाकार डा. सुस्मिता बसु मजुमदार हैं। वहीं बांग्ला भाषा के गीत की रचना अजय के छात्र और प्रमुख संगीतकार अनिल चटर्जी ने की है। तीनों रचनाओं में कई सालों के संघर्ष के बाद बांग्लादेश को पाकिस्तान से मिली आजादी और राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के बारे में उल्लेख किया गया है।

 

भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि ''बांग्लादेश में आयोजित होने वाले समारोह में पद्म भूषण पंडित अजय चक्रवर्ती द्वारा गाया जाने वाला राग मैत्री भारत-बांग्लादेश के भ्रातृत्व भाव की पहचान बनेगा। इसके साथ ही यह राग कोरोना से जारी लड़ाई में भारत द्वारा शुरू किए गए वैक्सीन मैत्री अभियान का भी प्रतीक बनेगा।''

 

कौन हैं पंडित अजय चक्रवर्ती

 

पंडित अजय चक्रवर्ती के माता-पिता का जन्म अविभाजित भारत के बंगाल के इलाके यानी अब के बांग्लादेश में हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार कोलकाता चला आया था। पटियाला कसूर घराना से ताल्लुक रखने वाले पंडित चक्रवर्ती ने अपने गायन को कभी एक घराने तक ही सीमित नहीं रखा। उनके गायन में अक्सर आगरा, किराना, लखनऊ, ग्वालियर, जयपुर और दिल्ली जैसे कई अन्य घरानों की रचनाएं शामिल रहती हैं।

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