शनिवार से शुरू होंगे आठ दिन के नवरात्र, जानिए कलश रखने का मुहुर्त

बीबीसीखबर, रुड़कीUpdated 16-10-2020
शनिवार

 बीबीसी खबर

एक महीने तक चले मलमास आज खत्म हो जाएंगे और शनिवार को नवरात्र शुरू होंगे। इस वर्ष नवरात्र आठ दिन के होंगे। दो नवरात्र एक ही दिन होंगे।

 

इस बार नवरात्रों का एक दिन कम हो रहा है। अष्टमी और नवमी तिथियां एक ही दिन पड़ने से नवरात्र के आठ दिन के ही होंगे और अगले दिन विजयदशमी मनाई जाएगी।

ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि 17 अक्तूबर को पहला नवरात्र होगा। शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय के 10 घड़ी तक या अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना की जा सकती है, लेकिन प्रतिपदा की प्रथम 16 घड़ी और चित्रा नक्षत्र के साथ वीदृति योग का पूर्व भाग घट स्थापना के लिए वर्जित है।

इस बार प्रतिपदा की 16 घड़ी 17 अक्तूबर को प्रात 7.20 तक

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस बार प्रतिपदा की 16 घड़ी 17 अक्तूबर को प्रातःकाल 7.20 तक ही है। इसलिए इसके बाद कलश स्थापना की जा सकती है। 7.46 से 9.12 प्रातःकाल कलश स्थापना करना सबसे अच्छा रहेगा।

 

इस दिन अभिजित मुहूर्त 11.38 से दोपहर 12.26 तक होगा। इस समय भी कलश स्थापना की जा सकती है। प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि 25 अक्तूबर को नवमी सुबह 7.42 तक है, उसके बाद दशमी है।

 

26 अक्तूबर को दशमी सुबह 9 बजे तक ही है। विजयदशमी, अपराजिता का पूजन दोपहर में होता है और रावण का दहन शाम को होता है। इसलिए दशहरा 25 अक्तूबर को मनाया जाएगा।

बाजारों में लौटी रौनक 

नवरात्र को लेकर तैयारियां भी जोरों पर हैं। महिलाएं बाजार में नवरात्र के लिए चुनरी, घट व पूजा सामग्री की खरीददारी करती दिख रही हैं। व्रत में खाने के लिए भी सामग्री खरीद रही हैं। दुकानों में रात तक रौनक देखने को मिल रही है।

 

इस साल अधिकमास के कारण देरी से हो रहे त्योहार

 

इस साल अधिकमास के कारण शारदीय नवरात्रि और दीपावली सहित सभी त्योहार पिछले साल की तुलना में देरी से मनाए जाएंगे। पंचांग गणना के अनुसार अधिक मास होने के कारण त्योहारों में देरी आएगी। शादियों के लगन भी देरी से शुरू हो रहे हैं। सनातन धर्म के अनुसार हर तीन साल में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) आता है। 

 

व्रत-त्योहार गत वर्ष की तुलना में आगे खिसक गए

इस साल 17 सितंबर से 16 अक्तूबर तक आश्विन अधिक मास रहने के कारण व्रत-त्योहार गत वर्ष की तुलना में आगे खिसक गए हैं। इस साल अक्तूबर से दिसंबर तक जो भी त्योहार होंगे, वे गत साल की तिथियों के मुकाबले देरी से आएंगे। पिछले साल नवरात्रि 29 सितंबर से शुरू हुए थे, तो इस साल 17 अक्तूबर से प्रारंभ होंगे।

 

दशहरा पिछले साल 08 अक्तूबर को था, इस साल 25 अक्तूबर को आएगा। दीपावली इस साल 14 नवंबर को आएगी। देव उत्थान एकादशी इस साल 25 नवंबर को आएगी। विद्वत सभा के पूर्व अध्यक्ष और पंडित उदय शंकर भट्ट ने कहा कि हर साल 24 एकादशी होती हैं, लेकिन इस साल मलमास के कारण 26 एकादशी होंगी। 17 अक्तूबर से नवरात्रि शुरू होते ही मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाएंगे।

 

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